October 26, 2021

MotherlandPost

Truth Always Wins!

ग्रेटर नोएडा में फर्जी कागजात से 200 करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा, दो बैंक कर्मचारी समेत 4 गिरफ्तार

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाता खोलकर 37 करोड़ रुपये का लेनदेन करने के आरोप में दादरी पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने इन खातों में काला धन जमा किया। गिरफ्तार आरोपियों में निजी बैंक के दो कर्मचारी शामिल हैं। इस मामले के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगी हुई है। यह फर्जीवाड़ा 200 करोड़ रुपये का है।

 

The Economic Times

 

दादरी पुलिस के मुताबिक उप्र सतर्कता अधिष्ठान मेरठ के पुलिस उपाधीक्षक सुधीर कुमार बीलवान की जांच पर 25 जुलाई 2020 को दादरी कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने बताया कि फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार करके बैंक खाते खोले गए थे।

करीब एक वर्ष के दौरान आरोपियों ने दो अलग-अलग खातों से कुल 37 करोड़ रुपये का लेनदेन किया था। कानपुर की इंडियन बैंक की स्वरूप नगर शाखा से इस रकम को इन शेल खातों में भेजा गया था। जांच में आठ लोगों के नाम प्रकाश में आए और इनकी तलाश शुरू हुई।

शनिवार की रात पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मामले मे वांछित चल रहे ज्वाला नगर विवेक विहार शाहदरा दिल्ली निवासी मनीष अरोड़ा, साकेत ब्लाक मंडावली नई दिल्ली निवासी मनोज कुमार, शालीमार गार्डन एक्सटेंसन-2 साहिबाबाद गाजियाबाद निवासी विनय तिवारी व उत्तरी स्कूल ब्लाक मंडावली फाजलपुर थाना मंडावली नई दिल्ली निवासी पल्लव जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया।

इनमें पल्लव जायसवाल और विनय तिवारी दादरी स्थित एक्सिस बैंक में फील्ड ऑफिसर थे। इस बैंक में ही आरोपियों के खाते खुले थे, जिनका फर्जी सत्यापन दोनों फील्ड ऑफिसर ने किया था।

एसएचओ दादरी प्रदीप कुमार त्रिपाठी ने बताया कि फर्जी फर्म बनाकर खाते खोले गये थे। 37 करोड़ रुपये कानुपर बैंक के खाते में जमा किया गया। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के साथी दीपक कुमार सिंह की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय को पता चला था कि दीपक सिंह की डायनमिक रियलकॉन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक शेल कंपनी है।

Translate »