September 26, 2021

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उत्तराखंड में बादल फटने से 3 लोगों की मौत, कई लापता

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के जुम्मा गांव में रविवार की रात भारी बारिश के कारण तीन घरों के गिरने से लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य लापता हो गए।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी पुष्टि की और कहा कि उन्होंने ज़िला मजिस्ट्रेट (डीएम) से कहा है कि वे इस मामले में बचाव कार्य तेज़ करें।

स्थानीय अधिकारियों ने कहा है कि अब तक दो शव मिले हैं जबकि मलबे में पांच लोगों के फंसे होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की टीमों को शामिल करते हुए बचाव अभियान जारी है, उन्हें पिथौरागढ़ भेजा गया है।

समाचार एजेंसी पीटीआई ने पिथौरागढ़ के डीएम आशीष चौहान के हवाले से कहा, “हम स्थिति से निपटने के तरीके पर एक आपातकालीन बैठक कर रहे हैं। बैठक के बाद इस विषय में अधिक जानकारी उपलब्ध होगी। राहत सामग्री भी भेजी जा रही है।”

 

कैसे हैं हालात?

फ़िलहाल उत्तराखंड में भारी बारिश हो रही है, जिससे कई ज़िलों में भूस्खलन की ख़बरें हैं।

बता दें कि इससे पहले अप्रैल में नीति घाटी में मलारी के पास हिमस्खलन से 10 लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले चमोली ज़िले के जोशीमठ में ग्लेशियर फटने से सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी थी।

इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहले भविष्यवाणी की थी कि उत्तराखंड में रविवार तक भारी बारिश की आशंका है जिससे पहाड़ी राज्य के अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन और चट्टानें गिर सकती हैं।

मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए ट्वीट किया था, “अगले 5 दिनों के दौरान उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश के साथ व्यापक रूप से वर्षा गतिविधि जारी रहने की आशंका है।”

चेतावनी के बाद मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के आपदा प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया है। आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) से मिली जानकारी के अनुसार लगातार बारिश के कारण राज्य में पांच राष्ट्रीय राजमार्ग, 15 राज्य राजमार्ग सहित 200 से अधिक सड़कें अवरुद्ध हैं और उन्हें खोलने का प्रयास किया जा रहा है।

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