April 11, 2021

MotherlandPost

Truth Always Wins!

म्यांमार का लोकतांत्रिक संघर्ष हो रहा है कठिन, 5 और प्रदर्शकारियों की मौत

कार्यकर्ताओं के सत्तारूढ़ ‘जुंटा’ द्वारा इंटरनेट नाकाबंदी और ब्लॉकएड का विरोध करने के दैरान म्यांमार के सैनिकों ने बुधवार को तख़्तापलट विरोधी प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की जिसमें कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए।

म्यांमार के प्रदर्शनकर्ताओं के एक समूह के अनुसार एक 1 फ़रवरी यानी तख़्तापलट के बाद से म्यांमार में 580 से अधिक लोग मारे गए हैं। सत्तारूढ़ सेना द्वारा विपक्ष को उकसाने के लिए घातक बल के उपयोग के बावजूद राष्ट्रव्यापी विरोध और हड़ताल जारी है।
म्यांमार के एक निवासी ने कहा कि आंग सान सू ची ची की रिहाई और लोकतंत्र की बहाली की माँग के विरोध में पश्चिमोत्तर के शहर केले में प्रदर्शनकारियों पर बुधवार को सुरक्षा बलों ने गोलियां चला दीं।
समाचार आउटलेट ने गवाहों का हवाला देते हुए कहा कि गोलियों के बीच कई लोग हताहत हुए थे। मिज़िमा और इरावदी समाचार आउटलेट ने कहा कि पांच लोग मारे गए और कई घायल हुए। एक ‘केले’ निवासी ने कहा कि उन्हें इस घटना के बारे में उन लोगों ने जानकारी दी थी जो चश्मदीद थे और जिन्होंने पांच शवों की तस्वीरें ली थीं। हालाँकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पायी है।

इन्टरनेट का संघर्ष

ज़्यादातर युवा-नेतृत्व वाले तख़्तापलट आंदोलन के इस अभियान को व्यवस्थित करने में सहायक सोशल मीडिया के माध्यम, वायरलेस इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाओं पर रोक लगने के कारण अब आंदोलन प्रभावित हो रहा है। फ़िक्स्ड-लाइन सेवाएं, म्यांमार में कुछ ही लोगों के पास उपलब्ध हैं।
कइयों का मानना है कि इंटरनेट का हक़ लोगों से छीना जा रहा है और तख़्तापलट के बाद से ही ये सेवाएँ नियमबद्ध नहीं रही हैं।
ख़बरें ये भी हैं कि लोकतंत्र बनाम सेना की इस इस लड़ाई में म्यांमार ‘शीत युद्ध’ को ओर जाता दिख रहा है।
Translate »