September 28, 2021

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महिलाओं की बड़ी जीत, NDA में प्रवेश की मिली इजाज़त

केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के ज़रिए महिलाओं को सशस्त्र बलों में शामिल करने की अनुमति देने का फ़ैसला किया गया है।

 

 

जस्टिस संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह जानकर बेहद खुशी हुई कि सशस्त्र बलों ने खुद महिलाओं को एनडीए में शामिल करने का निर्णय लिया। केंद्र की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बेंच को बताया कि केंद्र ने यह फ़ैसला लिया है।

कल तीन सेवा प्रमुखों के साथ परामर्श के बाद एएसजी भाटी ने कहा, “एक अच्छी ख़बर है। सेना और सरकार ने उच्चतम स्तर पर निर्णय लिया गया है कि महिलाओं को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के माध्यम से स्थायी कमीशन के लिए शामिल किया जाएगा। यह फ़ैसला कल देर शाम लिया गया।”

पीठ ने कहा कि वह चाहती है कि रक्षा बल “लैंगिक समानता के प्रति अधिक सक्रिय दृष्टिकोण” अपनाएं, बजाय इसके कि अदालत उन्हें ऐसा करने का निर्देश दे।

जस्टिस कौल ने कहा, “हम समय-समय पर अधिकारियों को इसे स्वयं करने के लिए प्रेरित करते रहे हैं। हमें विश्वास है कि वे नियम विकसित करने के लिए सबसे उपयुक्त हैं। यह हमारे लिए ख़ुशी की स्थिति नहीं है। सशस्त्र बल इस देश की सम्मानित सेना हैं लेकिन लैंगिक समानता पर, उन्हें और अधिक कार्य करना होगा।”

शीर्ष अदालत ने एएसजी भाटी को एक हलफ़नामे के माध्यम से बयान का रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए कहा और मामले को दो सप्ताह यानी 22 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दिया।

बयान में कहा गया, “हमें यह जानकर बेहद खुशी हुई क्योंकि एएसजी ने कहा कि सशस्त्र बलों ने एनडीए में महिलाओं को शामिल करने का फ़ैसला किया है और अन्य मुद्दों की जांच की जा रही है। वे विकास और भविष्य की योजनाओं को हमारे सामने रखना चाहते हैं, जिसके लिए समय मांगा गया है।”

बता दें कि अदालत एनडीए की परीक्षा में भाग लेने के लिए महिलाओं को अनुमति देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

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