November 27, 2021

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दिल्ली में नए आंदोलन का आगाज! साधु-संतों ने कहा मुट्ठीभर किसान सरकार को झुका सकते हैं तो हम क्यों नहीं

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली अभी किसानों के आंदोलन से मुक्त भी नहीं हुई और अब साधु-संतों ने सरकार को राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी दे डाली है. देश के कई हिस्सों से साधु-संत दक्षिणी दिल्ली के कालकाजी मंदिर में इकट्ठा हुए और मठ-मंदिर मुक्ति आंदोलन की शुरुआत की.

 

PTI

 

संतों ने कहा कि हम केंद्र और राज्य सरकारों को शांति से मनाएंगे, अगर नहीं माने तो शस्त्र भी उठाएंगे. मंच से कई अखाड़ों, आश्रमों और मठों के साधु-संतों ने आक्रामक तेवर दिखाए. इस दौरान किसान आंदोलन का भी जिक्र हुआ.

ज्यादातर साधु-संतों का कहना था कि जब मुट्ठी भर किसान दिल्ली के कुछ रास्ते रोककर जमकर बैठ गए तो सरकार को झुकना पड़ा, फिर भला साधु-संतों से ज्यादा अड़ियल कौन होगा. जरूरत पड़ी तो रास्तों पर साधु-संत अपना डेरा बनाएंगे यानी दिल्ली के लिए संदेश स्पष्ट है-एक और बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहो. धर्म और आस्था से जुड़ा होने की वजह से यह आंदोलन जितना महत्वपूर्ण है, उससे भी ज्यादा अहम इसके आयोजन का जिम्मा लेने वाले महंत’ का परिचय.

दरअसल, इस आंदोलन के आगाज के लिए आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय संत समिति ने किया. समिति के अध्यक्ष महंत सुरेंद्र नाथ अवधूता है.

उन्होंने कहा, देश के अगले चुनाव से पहले-पहले हम एक व्यापक आंदोलन खड़ा करेंगे. ताकि जब दोबारा सरकार बने, तब सबसे पहले मठ-मंदिरों को सरकार के कब्जे से मुक्त करने का कानून बन सके.

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