उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में 3 दलित बहनों पर तेजाब डालने वाले मामले में एक अजीब मोड़ आ गया है। दरअसल, पुलिस ने जिस आरोपी युवक को तीन दलित बहनों पर एसिड अटैक करने वाला बताकर एनकाउटर में अरेस्ट किया था उस आरोपी युवक की मां का कहना है कि उनका बेटा निर्दोष है। पुलिस उनके बेटे को फंसा रही है। अगर पुलिस ने उनके बेटे को नहीं छोड़ा तो वह फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेंगी।

उत्तर प्रदेश: तीन दलित बहनों पर एसिड डालने वाला आरोपी एनकाउंटर में अरेस्ट
उत्तर प्रदेश: तीन दलित बहनों पर एसिड डालने वाला आरोपी एनकाउंटर में अरेस्ट [सांकेतिक चित्र]
आरोपी युवक की मां का कहना है कि पुलिस उनके बेटे को अचानक उठाकर ले गई। इस बात की जानकारी उसके परिजनों में से किसी को नहीं हुई। बाद में उनको पता चला कि गांव में जिन 3 दलित बहनों पर एसिड अटैक हुआ था उसके आरोप में पुलिस उनके बेटे आशीष को लेकर गई है। आशीष की मां का कहना है कि पुलिस उनके बेटे को फंसा रही है। पुलिस असली आरोपी तक नहीं पहुंच पा रही तो उनके निर्दोष बेटे को ही आरोपी बना रही है। महिला का कहना है कि अगर उनको न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेंगी। महिला ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है।

वहीं इस मामले में पुलिस अधिकारी का कहना है कि आरोपी की मां अपने बेटे को बचाने के लिए झूठ का सहारा ले रही है। पीड़ित दलित बहनों ने बताया है कि उसने रात के समय हमला करने वाले आशीष को ही देखा था। जिसके बाद पुलिस ने उसको अरेस्ट किया है। आशीष मंगलवार को बहराइच से अपने गांव की तरफ आ रहा था जहां पर आशीष ने पुलिस को देखते हुए पुलिस पर फायर कर दिया था। इस एनकांउटर में आरोपी आशीष के पैर में पुलिस की गोली लगी थी।

क्या है मामला
सोमवार की देर रात को उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के परसपुर कोतवाली इलाके में पसका गांव में एक दलित परिवार की तीन बेटियां अपने घर की छत पर सोई हुई थी। उस दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने उनकी छत पर चढ़कर तीनों बेटियों पर तेजाब फेंक दिया। तेजाब फेंकने के कारण सबसे बड़ी 17 साल की बेटी बुरी तरह झुलस गई है। वहीं 12 साल और 8 साल की बच्ची भी तेजाब के कारण झुलस गई थी।