December 2, 2021

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अफ़ग़ानिस्तान में सड़कों पर उतरीं महिलाएं, लड़कियों के लिए स्कूल बंद रहने का किया विरोध

मंगलवार को लड़कियों के लिए स्कूल बंद करने के विरोध में दर्जनों महिलाएं काबुल की सड़कों पर निकलीं और अफ़ग़ानिस्तान में जो हो रहा है, उसके बारे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निष्क्रियता की आलोचना की।

 

Reuters

 

खामा प्रेस न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) के सामने महिलाएं इकट्ठा हुईं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, मानवाधिकार समूहों और संयुक्त राष्ट्र पर तालिबान द्वारा अफ़ग़ान महिलाओं के प्रति किए गए व्यवहार के प्रति उदासीनता दिखाने का आरोप लगाया।

महिलाओं के अधिकारों के मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र की चुप्पी को “शर्मनाक” बताते हुए, प्रदर्शनकारियों ने “शिक्षा का अधिकार, “काम करने का अधिकार महिलाओं का मौलिक अधिकार है” और “इतिहास संयुक्त राष्ट्र की चुप्पी से शर्मिंदा होगा” के नारे लगाए।

यह विरोध ऐसे समय में आया है जब अफ़ग़ानिस्तान में लाखों किशोर लड़कियां अपनी क्लास में लौटने का बेसब्री से इंतज़ार कर रही हैं, क्योंकि हाई स्कूल बंद हैं, जिससे महिला शिक्षा के भविष्य को लेकर आशंका बढ़ रही है।

इससे पहले आज, अफ़ग़ानिस्तान के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि डेबोरा लियोन ने पूरे अफ़ग़ानिस्तान के प्रांतों की महिलाओं से मुलाक़ात की और देश में महिलाओं के सामने आने वाली महत्वपूर्ण चुनौतियों पर उनके विचार सुने।

UNAMA ने ट्वीट करते हुए लिखा, “अफ़ग़ानिस्तान के प्रांतों की महिलाओं ने सोमवार को काबुल में @DeborahLyonsUN और @Metknu से मुलाक़ात की और देश में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों पर विचार साझा किए। सभी इस बात से सहमत थे कि हर लड़की को शिक्षा का और हर महिला को काम करने का अधिकार है।”

ग़ौरतलब है कि पिछले हफ़्ते, लियोन ने तालिबान नेताओं से मुलाक़ात की थी और मानवीय सहायता, मानवाधिकारों और समावेशी सरकार जैसे मुद्दों पर चर्चा की थी।

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