December 2, 2021

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तालिबानी शासन के बीच भुखमरी से मर रहा अफ़ग़ानिस्तान, बेची जा रही बेटियां

कोरोना, सुखाड़ और तालिबान से जूझ रहे अफगानिस्तान के लिए एक बड़ी संकट भुखमरी दिखती नजर आ रही है। भुखमरी के कारण अफगानिस्तान की हालत बद से बदत्तर होती जा रही है। बीते सोमवार को वर्ल्ड फूड प्रोग्राम का चौंकाने वाला चेतावनी सामने आया। जिसमें कहा गया कि नवंबर के आखिर तक अफगानिस्तान की आधी आबादी यानी कि ढाई करोड़ लोगों को भुखमरी का सामना करना पड़ सकता है, और यही नहीं इसकी शुरुआत देश के कई हिस्सों से शुरू हो चुकी है।

 

 

एएफ़पी ने एक बेहद चौंकाने वाला रिपोर्ट का खुलासा किया है। जिसमें कहा गया कि भुखमरी के हालात से गुजर रहे अफगानिस्तान के लोग इस कारण अपनी बेटियों को भी बेच रहे हैं।

फहीमा नाम की महिला से बातचीत में खुलासा हुआ कि उन्होंने अपनी 6 साल और ढाई साल की बच्ची को मजबूरन पैसों के लिए बेच दिया पश्चिमी अफगानिस्तान में सुखाड़ से जूझ रहे यह परिवार मजबूर है इस कार्य को करने के लिए।

फहीमा ने जब अपने पति से इसको लेकर बात कि तो उनके पति ने कहा कि अगर हम अपने दोनों बच्चों को नहीं बेचते हैं तो हम सब मारे जाएंगे। इसीलिए अपनी दोनों बच्चों को उन्होंने शादी के लिए बेच दिया। रिपोर्ट के मुताबिक अपनी बड़ी बेटी को ढाई लाख रुपए में और छोटी बेटी को 2 लाख के आसपास इस दंपत्ति को बेचना पड़ा।

तालिबान के शासन में अफगानिस्तान भुखमरी जैसे बुरे हालात से गुजर रहा है। अब सवाल यह उठता है कि तालिबान के वह सारे दावे खोखले साबित हो रहें, जिसमें उसने अफगानिस्तान को सुचारू रूप से चलाने का दावा किया था।

तालिबान के आने के बाद अफगानिस्तान की हालत दिन-ब-दिन बदत्तर होती जा रही है। अफगानिस्तान के लोग गरीब से गरीब होते जा रहे हैं और साथ ही खाने पीने की चीजों की भी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। तालिबान जिस अफगानिस्तान पर अपना दावा साबित करता है। वहीं की जनता की देखरेख में तालिबान असफल होता नजर आ रहा है।

कई परिवारों से बात करने पर पता चला कि वह ना चाहते हुए भी वह काम कर रहे हैं जो उन्हें कभी से पसंद नहीं था, लेकिन इस मजबूरी के बीच जिंदा रहने के लिए उन्हें इन सब से गुजरना पड़ रहा है।

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