April 11, 2021

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राकेश टिकैत पर हमला होने के बाद गौतम बुद्ध नगर के किसानों की बड़ी मांग, अगर पूरी नही हुई तो नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाखों लोगों को होगी परेशानी

शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पर राजस्थान के अलवर में जानलेवा हमला हुआ था। राकेश टिकैत पर जानलेवा हमला होने के बाद पूरे देश के किसानों में भारी रोष है। शुक्रवार की देर रात को गौतम बुद्ध नगर के किसानों ने नोएडा-दिल्ली बॉर्डर को बंद कर दिया था। जिसके बाद नोएडा के आला पुलिस अधिकारी नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर पहुंच गए थे। देर रात को ही किसानों और पुलिस के बीच बातचीत होने के बाद किसानों ने बड़ी चेतावनी देकर बॉर्डर को खोला है।
किसान नेताओं ने दिल्ली और नोएडा के बीच चिल्ला बॉर्डर को बंद करते हुए कहा कि, मोदी सरकार लोकतंत्र की हत्या करना चाहती है। राकेश टिकैत पर हुए हमले को किसी भी तरीके से ना तो बर्दाश्त किया जाएगा और ना ही माफ किया जाएगा। किसानों ने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि अगर अगले 24 घंटे के अंदर राकेश टिकैत पर हमला करने वाले भाजपा नेताओं को गिरफ्तार नहीं किया गया तो 24 घंटे बाद दिल्ली की सभी सीमाओं पर किसानों का धरना प्रदर्शन शुरू हो जाएगा। सभी बॉर्डर सील कर दिए जाएंगे। नोएडा और दिल्ली के बीच आवागमन भी पूर्ण रूप से बंद कर दिया जाएगा। इससे बेहतर यह है कि केंद्र सरकार और भाजपा नेताओं को गिरफ्तार करें। जिन्होंने राकेश टिकैत पर जानलेवा हमला किया है।
इसके अलावा यह भी मांग रखी गई है कि राकेश टिकैत को जेड प्लस की सिक्योरिटी दी जाए। इस समय किसानों की मांग को उठाने वाले राकेश टिकैत की जान को खतरा है। इसलिए केंद्र सरकार राकेश टिकैत को सुरक्षा प्रदान करें। आपको बता दें कि तीन कृषि कानून के विरोध में राकेश टिकैत शुक्रवार को राजस्थान के अलवर में किसानों के साथ सम्मेलन करने गए थे। उसी दौरान किसानों पर और राकेश टिकैत पर जानलेवा हमला किया था। राकेश टिकैत का आरोप है कि यह जानलेवा हमला भाजपा नेताओं ने किया है।
वहीं दूसरी ओर नोएडा और दिल्ली बॉर्डर सील हो गया तो नोएडा और दिल्ली में रह रहे लाखों लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। कोरोना काल और किसान आंदोलन के दौरान काफी समय तक नोएडा चिल्ला बॉर्डर और डीएनडी बॉर्डर पर किसानों ने प्रदर्शन करते हुए बंद कर दिया था। इस दौरान लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। अब से दोबारा से अगर किसानों ने बॉर्डर को सील किया तो लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा
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