September 26, 2021

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ग्रेटर नोएडा में निर्माणाधीन बिल्डिंग एटीएस में मजदूर की मौत के बाद अन्य मजदूरों ने किया हंगामा

ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में स्थित निर्माणाधीन एटीएस बिल्डिंग की साइट पर एक मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई।

इस मामले को लेकर मंगलवार की देर रात को एटीएस बिल्डिंग में काम करने वाले अन्य मजदूरों को मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने खूब हंगामा किया। मजदूरों ने कहा कि, बिल्डिंग का मालिक परिवार को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दे। लेकिन जब कंपनी मालिक ने मना कर दिया तो मजदूरों ने खूब हंगामा किया। हालत बेकाबू होने पर पुलिस बल मौके पर पहुंची तो मजदूरों ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव करना शुरू कर दिया। मौके पर भारी फोर्स के साथ एडिशनल डीसीपी और एसीपी पहुंचे तो मामला शांत हुआ है।

मिली जानकारी के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र में स्थित खैरपुर गांव के पास निर्माणाधीन एटीएस बिल्डिंग में काम चल रहा है। सोमवार को इस बिल्डिंग में एक मजदूर की बिजली का करंट लगने के कारण मौत हो गई थी। मजदूर की पहचान तरुण बासु निवासी पश्चिम बंगाल के रूप में हुई। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने तरुण के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और पोस्टमार्टम करने के बाद उसके शव को परिजनों को सौंप दिया। तरुण के परिजन उसके शव को लेकर पश्चिम बंगाल चले गए।

बताया जा रहा है कि, जब मंगलवार को किसी ने भी तरुण को नहीं देखा तो मौके पर लोगों में चर्चा बन गई कि, आखिर वह कहां चला गया। इसके बाद पता चला कि उसकी करंट लगने के कारण एटीएस बिल्डिंग में ही मौत हो गई है और उसके शव को परिजन लेकर उसके गांव चले गए हैं। जब मजदूरों को पता चला कि, बिल्डिंग के मालिक ने मृतक तरुण के परिजनों को कोई भी आर्थिक सहायता नहीं दिया तो उन्होंने बिल्डिंग के मालिक से तरुण के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की मांग की। लेकिन इस पर बिल्डिंग के मालिक ने मना कर दिया। इसके बाद बिल्डिंग में काम करने वाले अन्य मजदूरों में रोष व्याप्त हो गया। उन्होंने बिल्डिंग के मालिक के खिलाफ हंगामा करना शुरू कर दिया।

हंगामे को बढ़ता देख कंपनी के कर्मचारियों ने मामले की जानकारी मालिक और पुलिस को दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो बिल्डिंग में काम करने वाले मजदूरों ने पुलिस की गाड़ी पर पथराव करना शुरू कर दिया। मामला गंभीर होने के कारण एडिशनल डीसीपी अंकुर अग्रवाल और एसीपी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत करवाया। इसके बाद मजदूरों की मांग पर कंपनी के मालिक ने मृतक तरुण के परिजनों को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दे दी है। एडिशनल डीसीपी अंकुर अग्रवाल का कहना है कि, पुलिस पर और पुलिस की गाड़ी पर पथराव करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। जिन लोगों ने सरकारी गाड़ी पर पथराव किया है। उन लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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