September 27, 2021

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तीन साल बाद अंबिका चौधरी ने बसपा छोड़ पकड़ा अखिलेश का हाथ, मुख्तार अंसारी के भाई भी सपा में

उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी ने बसपा छोड़ वापस समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने उन्हें सदस्यता दिलाई।

तो वहीं, बसपा के विधायक और बाहुबलीमुख्तार अंसारी के बड़े भाई सिबगतुल्लाह और उनके बेटे मन्नू अंसारी ने भी समाजवादी पार्टी का दामन थामा।

मेरा आज पुनर्जन्म हुआ – अंबिका चौधरी

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से सदस्यता मिलने के बाद चौधरी फफक कर रो पड़े। उन्होंने कहा कि आज का दिन मेरे लिएपुनर्जन्म के बराबर है। 68 साल के अंबिका को रोते हुए
देख अखिलेश भी भावुक हो गए। उन्होंने अंबिका के आंसुओं को पोछा। बता दें अंबिका चौधरी एक समय में समाजवादी पार्टी के बड़े नेताओं में थे लेकिन 2019 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने मनमुटाव के चलते बसपा जॉइन कर ली थी।

अखिलेश यादव को दोबारा सीएम बनते देखूं – चौधरी

घर वापसी पर अंबिका चौधरी ने कहा, ‘मेरे लिए आज का दिन पुनर्जन्म की तरह है। मेरे पास शब्दों का अभाव हो गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का आभार व्यक्त करना चाहता हूं कि मुझे और मेरे बेटे आनंद के साथ सब को पार्टी में जगह दी।’ आगे उन्होंने कहा, ‘मेरे मन में एक अभिलाषा है कि 2022 में अखिलेश यादव को दोबारा सीएम बनता देखू। जो भी उपलब्धियां हैं इसी छांव की है।’

मुख्तार अंसारी के बड़े भाई हुए सपाई

सिबगतुल्लाह अंसारी बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के बड़े भाई हैं। सिबगतुल्लाह भी गाजीपुर की मोहम्मदाबाद सीट से विधायक रह चुके हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की अलका राय से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब एक बार फिर से सपा का दामन थामा है। ऐसे में यह लगभग तय है कि उन्हें या उनके बेटे को 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा वहां से टिकट देगी।

भाजपा ने बोला हमला

भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा, समाजवादी पार्टी की साइकिल का पहिया बिना अपराधियों के पैडल मारे नहीं घूम सकता। मुख्तार अंसारी के परिवार को फिर समाजवादी पार्टी में शामिल करके अखिलेश यादव ने इसे प्रमाणित कर दिया है। सपा, बसपा ने उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधी दोनों को बढ़ावा दिया है।

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