November 27, 2021

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BIG BREAKING: आजादी के 75 साल बाद पहली बार वाराणसी में हुआ अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का शुभारंभ

भारत के गृह मंत्री दो दिवसीय वाराणसी भ्रमण पर है। जहां शनिवार को वाराणसी के काशी में अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का शुभारंभ हुआ है। इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने मंच को संबोधित करते हुए अमित शाह का धन्यवाद दिया है।

 

 

योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान कहा कि आजादी के बाद सबसे पहला अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन वाराणसी काशी में हुआ। हम सब इस बात को मानते हैं कि मानव को इस संसार की सबसे बड़ी और सूंदर आकृति मानी गई है। क्योंकि ईश्वर ने हमें अभिव्यक्ति का एक माध्यम दिया है और अभिव्यक्ति का माध्यम है- हमारी भाषा देश के अंदर और दुनिया के अंदर सर्वाधिक बोले जाने वाली भाषा हिंदी है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, हिंदी की उपेक्षा आप समझ सकते हैं कि जब आजादी के 75 साल बाद इस सम्मेलन को करने में लग गए। यह तब हुआ है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश-विदेश में हिंदी में संबोधित करके पहचान बनाई। हिंदी की जो बोलियां हैं, जैसे- अवधि, ब्रज और राजस्थानी यह सभी हिंदी से जुड़ी हुई है। क्योंकि हमारी एक लिपि है, जो देवनागरी लिपि है। जिसे हम बोलते हैं।

योगी ने कहा कि भगवान शिव की प्रेरणा से रामचरितमानस को अवधी में लिखा गया है। आप देख सकते हो कि रामचरित मानस का पहचान क्या है। कोई ऐसा सनातन धर्म का व्यक्ति नहीं होगा, जिसके घर में रामचरितमानस की पूजा ना होती हो। मुझे 3 साल पहले भारत सरकार के सहयोग से मॉरिशस जाने का मौका मिला।

वहां पर कुछ गांव में गांव की बस्तियां थी, वहां पर मुझे जाने का अवसर प्राप्त हुआ। वहां पर लोग मजदूरी करते थे और किसी को पढ़ना-लिखना नहीं आता था। फिर भी वहां पर सबसे घर में रामचरितमानस मुझे मिली, जिसकी लोग पूजा करते है।

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