October 24, 2021

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गोरखपुर मनीष गुप्ता हत्याकांड मामले में परिजनों से मिले अखिलेश यादव, कहा- सभी दोषी पुलिस कर्मियों को फ़रार कराया गया है

गोरखपुर में हुए मनीष गुप्ता हत्याकांड के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस कटघरे में खड़ी हो गई है। शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कानपुर में जाकर मनीष गुप्ता के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता और 4 साल की बेटे से अखिलेश यादव ने मुलाकात की। अखिलेश यादव ने इस दौरान भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा है।

 

 

अखिलेश यादव ने कहा कि, ‘मनीष गुप्ता हत्याकांड’ में पुलिसवालों की गिरफ्तारी न होना ये दर्शाता है कि वो फरार नहीं हुए हैं उन्हें फरार कराया गया है। दरअसल कोई आरोपियों को नहीं बल्कि खुद को बचा रहा है क्योंकि इसके तार ‘वसूली-तंत्र’ से जुड़े होने की पूरी आशंका है। अखिलेश यादव ने इससे पहले योगी आदित्यनाथ से कहा था कि, योगी सरकार मनीष गुप्ता के परिजनों को 2 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दें। समाजवादी पार्टी पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देगी।

आपको बता दें कि 36 साल के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्‍ता अपने दोस्‍त अरविंद सिंह और प्रदीप के साथ गोरखपुर के देवरिया बाईपास रोड पर मौजूद कृष्‍णा पैलेस के कमरा नंबर 512 में ठहरे हुए थे। वे यहां पर अपने दोस्‍त गोरखपुर के बढ़यापार निवासी चंदन सैनी और राणा प्रताप चंद से मिलने के लिए आए थे। सोमवार की रात तीनों खाना खाकर सोने के लिए लेट गए थे। मनीष गुप्ता को नींद आ चुकी थी। अरविंद और प्रदीप भी सोने की तैयारी में थे।

 

पुलिस से हुई थी झड़प

रात के करीब 12:30 बजे उनके दरवाजे पर पुलिस ने दस्तक दी। जिसमें रामगढ़ताल थाने के थाना प्रभारी जेएन सिंह, सब्‍जी मंडी चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्रा समेत छह पुलिसकर्मी उनके कमरे में घुस आए और उनसे पहचान पत्र दिखाने की बात करने लगे। इस पर मनीष गुप्ता और उसके साथियों ने कहा कि, वह कोई आतंकी नहीं है। इस पर पुलिस वालों ने मनीष और उसके दोनों साथियों को थप्पड़ मार दिया। जिसके बाद दोनों पक्षों में नोकझोंक बढ़ गई और पुलिस वालों ने मनीष गुप्ता को बेहरमी से पीटा। जिसमें मनीष गुप्ता की इलाज के दौरान मौत हो गई।

इस दर्दनाक मामले के बाद उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दे दिए है। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, इस पूरे मामले में जो भी दोषी हैं। मृतक की पत्नी को कानपुर विकास प्राधिकरण में ओएसडी पद पर तैनाती देने को भी मंजूरी दी। सभी 6 पुलिस कर्मियों को सस्पेंडे कर दिया है। जो अभी फरार है। इन सभी फरार पुलिस कर्मियों की तलाश की जा रही है।

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