Wednesday, August 3, 2022

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अखिलेश यादव ने लोकसभा से दिया इस्तीफा

by Priya Pandey
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समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा सौंपने के लिए संसद परिसर में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। अखिलेश आजमगढ़ से लोकसभा सांसद हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में मैनपुरी जिले की करहल विधानसभा सीट से विधानसभा चुनाव जीता। अब वह करहल से विधायक रहेंगे। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि अखिलेश ने यह फैसला अपने पिता और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मुलायम सिंह यादव के कहने पर लिया है।

अखिलेश यादव ने कहा कि एमएलसी चुनाव बड़ी चुनौती है। इसमें प्रशासन से भी लड़ना है। एमएलसी चुनाव में प्रत्याशियों के नाम पर यादव न लिखे जाने के सवाल पर कहा कि भाजपा यदि जातिवादी राजनीति करे तो वह सोशल इंजीनियरिंग है। लेकिन जब समाजवादी पार्टी करती है तो वह जातिवाद। भाजपा पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जहां पर माफियाओं को एमएलसी चुनाव जिताना है वहां पर भाजपा प्रत्याशी नहीं लड़ा रही है।
इससे पहले उन्होंने आजमगढ़ की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा था कि इस जिले का परिणाम ऐतिहासिक रहा है। भाजपा की कोशिश रही कि आजमगढ़ में सपा को पीछे कर दे। लेकिन यहीं से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। दसों सीटें सपा को मिलीं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भले ही न बनी हो लेकिन हम हारे नहीं हैं।

यूपी की जनता का किया धन्यवाद
यूपी की जनता का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि सपा की सीटें बढ़ी हैं और वोट प्रतिशत भी बढ़ रहा है। इस बार हमने यह जाना है कि वोट प्रतिशत कैसे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जो चुनाव होगा न केवल भाजपा की सीटें कम होगी बल्कि उनका वोट घटाने का काम जनता करेगी। उन्होंने कहा कि इस बार जब प्रदेश की जनता ने बहुमत दिया है तो इस बार भाजपा झूठ बोलकर जनता को निराश न करे।

आपको बता दें की अखिलेश यादव ने करहल विधानसभा सीट 67,504 मतों के अंतर से जीती। उन्हें 1,48,196 वोट मिले थे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल को 80,692 वोट मिले थे। करहल को सपा का गढ़ माना जाता है। यादव को 60.12 फीसदी वोट मिले, जबकि बघेल को 32.74 फीसदी वोट मिले। अखिलेश यादव ने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा। मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, अखिलेश यादव विधान परिषद के सदस्य थे।

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