Saturday, May 21, 2022

MOTHER LAND POST

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आज शाम हमेशा के लिए बुझ जाएगी इंडिया गेट पर जल रही अमर जवान ज्योति, यहाँ पढ़ें पूरा इतिहास

by Disha
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दिसंबर 1971 में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत के युद्ध के दौरान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए जलाए जाने के 50 साल बाद नई दिल्ली में इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति शुक्रवार को बुझ जाएगी।

 

 

अगस्त 1947 में स्वतंत्रता के बाद से सभी सैन्य संघर्षों में लड़ने और शहीद होने वाले सभी सैनिकों को सम्मानित करने के लिए लगभग 400 मीटर दूर बनाए गए राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में अमर चक्र में लौ का विलय किया जाएगा।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2019 में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया। एक अधिकारी ने कहा कि अमर जवान ज्योति को शुक्रवार शाम चार बजे बुझा दिया जाएगा और इसके तुरंत बाद लौ को औपचारिक रूप से अमर चक्र में ही विलीन कर दिया जाएगा।

बता दें कि प्रतिष्ठित इंडिया गेट का निर्माण 1931 में ब्रिटिश सरकार द्वारा ब्रिटिश भारतीय सेना के 90,000 सैनिकों के स्मारक के रूप में किया गया था, जो प्रथम विश्व युद्ध और तीसरे एंग्लो-अफ़गान युद्ध में 1914 और 1921 के बीच मारे गए थे।

1971 में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ युद्ध में भारत की जीत के तुरंत बाद जनवरी 1972 में एक हेलमेट और एक उल्टे राइफ़ल की स्मारक संरचना के साथ अमर जवान ज्योति को आर्क ऑफ़ इंडिया गेट के नीचे रात भर स्थापित किया गया था और देश की श्रद्धांजलि के रूप में अमर जवान ज्योति जलाई गई थी।

वो सैनिक, जिन्होंने युद्ध में अपने प्राणों की आहुति दी थी, जिनके बूते पूर्वी पाकिस्तान को बांग्लादेश को अलग करा कर नए देश के रूप में मुक्त कर दिया था यह उनकी स्मृति में बना प्रतीक माना जाता है।

भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों और प्रमुखों के साथ-साथ विदेशी मेहमानों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति 1972 से हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर अमर जवान ज्योति पर माल्यार्पण कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

हालाँकि, परंपरा जनवरी 2020 में गणतंत्र दिवस समारोह के साथ बदल गई, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा अमर जवान ज्योति के बजाय राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर माल्यार्पण करने से हुई। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर अमर चक्र या अमरता का चक्र एक शाश्वत ज्वाला के साथ एक स्तंभ है, जो शहीद सैनिकों की आत्मा की अमरता का प्रतीक है।