December 2, 2021

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बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा के मामले में बोला अमेरिका, कहा ‘मानवाधिकारों की रक्षा किसी विशेष धर्म तक महदूद नहीं’

दुर्गा पूजा के दौरान बांग्लादेश में हुए हिंदुओं पर हमले कि अमेरिका ने निंदा की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने माँग की इस पूरे मामले की जाँच होनी चाहिए।

 

Reuters

 

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, ”हमारी संवेदना हिन्दू समुदाय के साथ है। हम प्रशासन ने आग्रह करते हैं कि पूरे मामले की ठीक से जाँच की जाए। धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा बहुत अहम है।”

आगे अमेरीकी विदेश मंत्रालय ने यह भी जोड़ा गया है कि धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा किसी विशेष धर्म तक सीमित नहीं है।

इन बयानों के बीच बांग्लादेश हिन्दू समुदाय के एक सदस्य ने कहा अमेरिकी विदेश मंत्रालय से इस बात को सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि देश में पहले से परेशान हिंदुओं को अब और परेशान न किया जाए। इसके अलावा उन्होंने मीडिया और अमेरिकी वाचडॉग समूहों को बांग्लादेश की हिंसा को गंभीरता से उठाने को कहा।

बता दें कि दुर्गा पूजा के दौरान बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई जिसमें हिंदुओं को निशाना बनाया गया।

 

हिन्दूपैट ने क्या कहा?

अमेरिका स्थित एक हिंदू एडवोकेसी ग्रुप हिंदूपैक्ट के कार्यकारी निदेशक उत्सव चक्रवर्ती ने कहा, “यह देखना वाक़ई बहुत भयावह है कि नोआखली में हिंदुओं पर इस तरह से हमला किया जा रहा है। अक्तूबर 1946 में वहां 12 हज़ार हिंदुओं को मार डाला गया और 50 हज़ार को इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया गया था।”

समाचार एजेंसी बीबीसी के मुताबिक़, “हिंदूपैक्ट ने कहा कि बांग्लादेश में स्थानीय हिंदू संगठन नफ़रत और भेदभाव का निशाना बने हुए हैं, जहां अल्पसंख्यकों की आबादी 1940 के 28 प्रतिशत से घटकर अब नौ फ़ीसद रह गई है।”

हिंदूपैक्ट ने कहा कि, “हिंसा की यह लहर स्थानीय हिंदू जिस तरह के ख़तरों का सामना कर रहे हैं उसकी पुष्टि करती है। हिंदुओं को उनके मज़हब की वजह से टारगेट किया जा रहा है, उनमें से लगभग 28 लाख लोग बांग्लादेश की आज़ादी की लड़ाई के दौरान मार दिए गए थे और क़रीब एक करोड़ बेसहारा हो गए थे जिन्हें 1971 में पाकिस्तानी सेना ने शरणार्थी बना दिया था।”

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