September 27, 2021

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एंजेला मर्केल ने दी रूस को यूक्रेन के लिए चेतावनी

जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने रूस को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर रूस ने यूक्रेन के ख़िलाफ़ विवादास्पद गैस पाइप लाइन का इस्तेमाल किया तो उसपर और प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

 

EPA

 

बता दें कि 16 साल सत्ता में बने रहने के बाद एंगेला मैर्केल इन सर्दियों में चांसलर का पड़ छोड़ने वाली हैं और उससे पहले अंतिम बार वे कीव के दौरे पर आईं। मर्केल ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से कहा कि वो ‘नॉर्ड स्ट्रीम-2’ प्रोजेक्ट को लेकर उनकी चिंताएं समझती हैं।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल यूक्रेन इस गैस पाइपलाइन का विरोध कर रहा है क्योंकि उसका मानना है कि इससे उसकी सुरक्षा को ख़तरा पहुँच सकता है। ग़ौरतलब है कि ये गैस पाइप लाइन बाल्टिक सागर के नीचे से होकर गुज़रेगी और जिससे जर्मनी को रूस की तरफ़ से गैस का निर्यात दोगुना बढ़ जाएगा।

समाचार एजेंसी बीबीसी के मुताबिक़, “यूक्रेन को डर है कि रूस की ‘नॉर्ड स्ट्रीम-2’ गैस पाइप लाइन प्रोजेक्ट के कारण इस क्षेत्र से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति पर मॉस्को का नियंत्रण बढ़ जाएगा और उसका प्रभाव और मज़बूत हो जाएगा।”

बीते दिन मैर्केल के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस प्रोजेक्ट को ‘क्रेमलिन का जियोपॉलिटिकल वीपन’ (भूराजनीतिक हथियार) बताया। उन्होंने कहा कि ये परियोजना न केवल यूक्रेन के लिए बल्कि समूचे यूरोप के लिए बेहद ख़तरनाक है।

इसपर एंगेला मर्केल ने कहा कि जर्मनी और अमेरिका इस बात पर सहमत हैं कि ‘नॉर्ड स्ट्रीम-2’ गैस पाइप लाइन प्रोजेक्ट का इस्तेमाल यूक्रेन के ख़िलाफ़ नहीं किया जाना चाहिए।

बीबीसी के अनुसार उन्होंने कहा कि “‘गैस का इस्तेमाल हथियार की तरह’ किया गया तो जर्मनी और अमेरिका के बीच हुए समझौते के तहत रूस के ख़िलाफ़ पाबंदियां लगाई जा सकती हैं।
दूसरी तरफ़, वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की का कहना है कि वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यूक्रेन की पाइपलाइन के जरिए जब रूसी गैस की डिलेवरी का अनुबंध तीन साल में ख़त्म हो जाएगा तो क्या होगा।”

दरअसल यूक्रेन को ट्रांजिट फ़ी के नाम पर अरबों डॉलर की कमाई होती है और अगर यह पाइपलाइन पास होती है तो उसकी अर्थव्यवस्था को बेहद नुक़सान पहुंचेगा।

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