October 26, 2021

MotherlandPost

Truth Always Wins!

ग्रेटर नोएडा: स्ट्रेस फंड से एक और प्रोजेक्ट के पूरे होने की खुली राह

ग्रेटर नोएडा: खुद के फ्लैट में रहने का ख्वाब देख रहे 1300 और खरीदारों के लिए राहत की खबर है। भारत सरकार की तरफ से बने स्ट्रेस फंड से अब ग्रेनो वेस्ट स्थित पंचशील ग्रींस टू प्रोजेक्ट को 249 करोड़ रुपये की स्वीकृति एसबीआई कैप से मिल गई है।

99acres

इसकी पहली किस्त भी जारी हो गई है, जिससे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को अपनी बकाया धनराशि के 37 करोड़ रुपये मिल गए हैं। ग्रेटर नोएडा में स्ट्रेस फंड से वित्तीय सहायता पाने वाला यह दूसरा प्रोजेक्ट है। इससे पहले कैपिटल एथेना प्रोजेक्ट को १६५ करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। वहीं, तीन और बिल्डरों को भी स्ट्रेस फंड से जल्द मदद मिलने की उम्मीद है।
फ्लैट खरीदारों को अपना आशियाना दिलाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कई तरह से प्रयास कर रहा है।

प्राधिकरण की कोशिशों से ग्रेटर नोएडा वेस्ट  के पंचशील ग्रींस टू को स्ट्रेस फंड से वित्तीय सहायता मिल गई है। इस प्रोजेक्ट के लिए 249 करोड़ रुपये स्वीकृत हुआ है। इस पैसे से बिल्डर अधूरी परियोजना को पूरा कर सकेगा, जिससे 1300 फ्लैट खरीदारों को घर मिल सकेगा।

साथ ही प्राधिकरण की बकाया धनराशि भी मिल जाएगी। इस प्रोजेक्ट  पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का करीब 135 करोड़ रुपये बकाया है। यह रकम चार किस्तों में मिलेगी। पहली किस्त करीब 37 करोड़ रुपये प्राधिकरण को मिल गए हैं।

दरअसल, भारत सरकार ने २०१९ में अधूरी बिल्डर परियोजनाओं को पूरा करने के लिए स्ट्रेस फंड का निर्माण किया है। इस फंड से मदद पाने के लिए कई बिल्डरों ने आवेदन किए हैं। बीते दिनों इंफ्रा होम के कैपिटल एथेना प्रोजेक्ट को स्ट्रेस फंड से 165 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे, जिसकी पहली किस्त जारी हो गई। उस पहली किस्त में से बतौर प्रीमियम बकाया धनराशि करीब 31 करोड़ रुपये प्राधिकरण को मिल गए हैं।

दूसरी किस्त 15 अक्तूबर तक जारी हो जाएगी। इस स्ट्रेस फंड से करीब 900 फ्लैट बन रहे हैं। वहीं, अब ग्रेटर नएडा वेस्ट के पंचशील ग्रींस टू प्रोजेक्ट के अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए 249 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। इससे प्राधिकरण को भी कुल करीब 135 करोड़ रुपये में से पहली किस्त 37 करोड़ रुपये बतौर बकाया धनराशि मिल गई है।

बन पाने वाले प्रोजेक्टों को ही जारी होता है स्ट्रेस फंड

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने पंचशील ग्रींस टू प्रोजेक्ट के लिए स्ट्रेस फंड जारी होने पर खुशी जताते हुए कहा कि एसबीआई कैप से उन परियोजनाओं  को ही स्ट्रेस फंड जारी होता है, जो बन पाने की स्थिति में होते हैं। एसबीआई कैप पूरी छानबीन करने के बाद ही फंड जारी करता है। उन्होंने कहा कि स्ट्रेस फंड पाने के लिए और भी बिल्डरों को आगे आना चाहिए। वे इसकी मदद से प्रोजेक्ट को पूरा करने और प्राधिकरण की बकाया रकम चुकाने की पहल करें। प्राधिकरण भी उनका सहयोग करने को तैयार है। सीईओ ने कहा कि फ्लैट खरीदारों को पजेशन दिलाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अपने स्तर से प्रयास जारी रखेगा। इन दो प्रोजेक्टों के बन जाने से करीब 2200 फ्लैट खरीदारों का अपना घर का सपना पूरा हो सकेगा।

स्ट्रेस फंड के लिए तीन और प्रोजेक्ट कतार में

स्ट्रेस फंड से वित्तीय सहायता पाने के लिए तीन और बिल्डरों ने आवेदन किए हैं। इनको स्ट्रेस फंड दिलाने के लिए कागजी प्रक्रिया चल रही है। इन तीन परियोजानाओं में करीब 2500 फ्लैट हैं, जिनके स्ट्रेस फंड से पूरे होने की उम्मीद है।

२०१९ में केंद्र सरकार ने बनाया था स्ट्रेस फंड
खुद के आशियाने की चाह में हजारों खरीदारों ने बिल्डरों के प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक करा लिए। उसकी किस्त देते रहे। बिल्डर उस पैसे को प्रोजेक्ट को पूरा कराने के बजाय कहीं और खर्च कर दिए। वित्तीय संकट होने से प्रोजेक्ट अधूरे रह गए। खरीदार लंबे समय से फ्लैट पर पजेशन मिलने की आस लगाए बैठे हैं। भारत सरकार ने २०१९ में ऐसी तमाम परियोजनाओं को पूरा करने के लिए स्ट्रेस फंड बनाया। इसके कई नियम शर्तें तय कर दीं। कई बिल्डरों ने इस फंड के लिए आवेदन किए। अब बिल्डरों को इस फंड से वित्तीय मदद मिलने लगी है। एसबीआई कैपिटल को इसका नोडल एजेंसी बनाया गया है।

रेरा में पंजीकरण अनिवार्य

इस फंड के लिए प्रोजेक्ट का रेरा में पंजीकरण होना अनिवार्य है। आवेदन मिलने पर एसबीआई कैपिटल की टीम साइट पर जाकर देखेगी कि प्रोजेक्ट कितना वायबिल है। अगर प्रोजेक्ट घाटे का नहीं है तभी उसके लिए फंड जारी होता है। मसलन प्रोजेक्ट को पूरा करने में अगर ५० करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं तो बन जाने के बाद उससे अधिक लाभ मिल पाएगा या नहीं। इसके लिए प्राधिकरण से मोर्टगेज परमिशन लेनी पड़ती है। जारी होने वाले फंड में से प्राधिकरण को जमीन की बकाया रकम भी देनी होती है।

वेबसाइट पर करें आवेदन

स्ट्र्रेस फंड के अंतर्गत लाभ पाने के लिए बिल्डरों को ई मेल आईडी —[email protected] पर आवेदन करना होगा। इसके लिए पात्रता शर्तें http://www.sbicaps.com पर उपलब्ध हैं।

Translate »