October 26, 2021

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कर्नाटक मुख्यमंत्री ने विधानसभा में पेश किया धार्मिक संरचनाओं की सुरक्षा का बिल

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने सोमवार, 20 सितंबर को कर्नाटक धार्मिक संरचना (संरक्षण) विधेयक, 2021 को राज्य विधानसभा में पेश किया, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से बनाए गए धार्मिक संरचनाओं की रक्षा करने की मांग की गई थी।

 

Basavraj Bommai/Twitter

 

यह कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शर्मिंदा होने और नंजनगुड में एक मंदिर के विध्वंस पर हिंदू जागरण वेदिक जैसे हिंदू समूहों के गुस्से का सामना करने के लिए मजबूर होने के बाद आया है।

सरकार ने विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के बयान में कहा, “सांप्रदायिक सद्भाव की रक्षा के लिए और उसे आहत न करने के लिए इस अधिनियम के शुरू होने की तारीख से पहले बनाए गए सभी सार्वजनिक स्थान में धार्मिक निर्माण की सुरक्षा प्रदान करना आवश्यक माना जाता है। इसके अलावा, भविष्य में सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत धार्मिक संरचनाओं और निर्माणों को प्रतिबंधित किया जाता है।”

ये बिल स्पष्ट करता है कि केवल बिल पास होने के एक दिन से पहले तक बनाई गई संरचनाएं ही क़ानून और कोर्ट द्वारा सुरक्षित रखी जाएंगी।

विधेयक में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी न्यायालय में और ऐसी अन्य परिस्थितियों में धार्मिक स्थलों को हटाने से संबंधित कोई मामला लंबित है तो उसे कोई संरक्षण नहीं दिया जाएगा।

यह अधिकारियों को भविष्य में सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी धार्मिक संरचना और इसके निर्माण की अनुमति नहीं देने का भी निर्देश देता है। ग़ौरतलब है कि कर्नाटक सरकार ने इस विधेयक को नंजनगुड की घटना के एक हफ़्ते बाद पेश किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने 2009 में सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत संरचनाओं को “ध्वस्त/स्थानांतरित/विनियमित” करने के आदेश जारी किए थे।

इस बाबत बोम्मई ने अधिकारियों को दिशानिर्देशों का इंतज़ार करने का निर्देश दिया है।

सूत्रों के अनुसार, विरोध करने वाले हिंदुत्व संगठनों को शांत करने के लिए, सरकार भाजपा नंजनगुड में मंदिर के पुनर्निर्माण की अनुमति देगी।
अख़बार ‘द हिंदू’ ने बताया कि राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर एक हज़ार से अधिक अवैध धार्मिक संरचनाएं हैं। बता दें कि कोर्ट के आदेश पर चल रहे तोड़फोड़ अभियान को फ़िलहाल रोक दिया गया है।

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