December 2, 2021

MotherlandPost

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 नवंबर के केदारनाथ दौड़े से पहले विरोध में उतरे पुरोहित और पंडा, मनाने पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

प्रधानमंत्री के आगामी 5 नवंबर के केदारनाथ दौरे से पहले ही केदारनाथ में इस दौरे के पुरजोर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल केदारनाथ में वहां के पुरोहित ही इस दौरे का पुरजोर विरोध कर रहे हैं।

केदारनाथ

इस विरोध के बीच ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पुरोहितों को मनाने के लिए केदारनाथ पहुंच चुके हैं, जहां केदारनाथ में बंद कमरे में पुरोहितों के साथ घंटों बातचीत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की चली है।

दो दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत समेत बीजेपी उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष का केदारनाथ में जमकर विरोध हुआ था। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को तो पुरोहितों ने दर्शन भी नहीं करने दिए थे। इसके बाद पुरोहितों ने पीएम मोदी के दौरे का भी विरोध करने का फैसला लिया था। तब से ही उत्तराखंड सरकार सकते में हैं।

पुरोहितों और पंडा का पुरजोर विरोध देखते हुये, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उनसे बात करने और माहौल को ठीक करने के लिए उत्तराखंड पहुंच गये। जहां उन्होंने विरोध को ठंडा करने का कोशिश किया, जिससे दौरे का मार्ग प्रशस्त हो। साथ ही साथ मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारियों का जायजा भी लिया। साथ ही पुरोहितों की बात को मानने का आश्वासन भी दिया।

आखिरकार पुरोहित क्यों कर रहे हैं विरोध

दरअसल, जनवरी 2020 में उत्तराखंड मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चार धाम देवस्थानम बोर्ड का गठन किया था। इसके साथ ही चार धाम समेत 51 अन्य मंदिरों का नियंत्रण राज्य सरकार के अधीन आ गया था। उत्तराखंड में केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और बद्रीनाथ चार धाम हैं। तब से ही पुरोहित और पंडा समाज इस फैसला को वापस लेने की मांग पर अड़े हैं, और समय-समय पर इसका विरोध भी करते आये हैं।

जबकि इस मामले को देखते हुये, धामी ने मुख्यमंत्री बनते ही कमेटी का गठन किया था और रिपोर्ट के आधार पर फैसला लेने का वादा पुरोहितों से किया था। जबकि तय तारीख 30 अक्टूबर तक भी जब कोई फैसला नहीं हुआ तो फिर से देवस्थानम बोर्ड का मुद्दा गरमा गया और पुरोहितों ने आंदोलन शुरू कर दिया। पुरोहितों ने प्रधानमंत्री मोदी के दौरे तक का विरोध करने का फैसला लिया है।

जानिए आखिर पुरोहितों से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की क्या बातचीत हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार जन भावनाओं का सम्मान करती है। तीर्थों के पंडा, पुरोहित और पुजारियों के मान-सम्मान को कोई ठेस नहीं पहुंचाई जाएगी. हम सकारात्मक, धनात्मक और विकासात्मक दृष्टिकोण से चारधाम, पंडा, पुरोहित और पुजारी समाज के सम्मान तथा धार्मिक आस्था की गरिमा के सम्मान के लिए तत्पर हैं।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। 5 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी के केदारनाथ आगमन के लिए की जा रही तैयारियों का भी जायजा लिया। आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी उत्तराखण्ड को दुनिया की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के तौर पर विकसित करने का विजन है। आधुनिक इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले चरण के सभी काम पूरे हो चुके हैं। दूसरे चरण के काम शुरू हो रहे हैं। पीएम मोदी अपने दौरे में आदि गुरू शंकराचार्य जी की समाधि का लोकार्पण करने के साथ ही उनकी प्रतिमा का भी अनावरण करेंगे।

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