June 18, 2021

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जो बाइडन का टिकाकरण पर अहम फ़ैसला, अमेरिका 100 ग़रीब देशों को दान करेगा 500 मिलियन वैक्सीन की ख़ुराकें

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका दुनिया के कुछ सबसे ग़रीब देशों में फ़ाइजर कोरोनावायरस वैक्सीन की 500 मिलियन ख़ुराक़ ख़रीदने और दान करने के लिए 3.5 बिलियन डॉलर ख़र्च करेगा। गुरुवार को इसका ऐलान करने के साथ ही अन्य जी-7 देशों से भी इसका पालन करने का आग्रह किया।

 

Credit- Reuters

 

किसी एक देश द्वारा अब तक की सबसे बड़ी वैक्सीन डोनेशन करने की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने पश्चिमी इंग्लैंड में सात उन्नत अर्थव्यवस्थाओं के समूह के नेताओं से मिलने से पहले की थी।

वैक्सीन की 500 मिलियन ख़ुराक़ दुनिया के 100 सबसे ग़रीब देशों को दी जाएगी। बाइडन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस फ़ैसले को “दुनिया के हर कोने में आशा लाने” के उद्देश्य से “वैश्विक प्रयास को सुपरचार्ज करने वाला एक बड़ा क़दम” माना है।

अधिकारी ने कहा, “हम वास्तव में इस बात को रेखांकित करना चाहते हैं कि यह मूल रूप से जीवन बचाने के एक विलक्षण उद्देश्य के बारे में है।” उन्होंने कहा कि वाशिंगटन इन ख़ुराकों के बदले किसी भी देश से एहसान नहीं मांग रहा है।

अधिकारी ने यह भी कहा कि बाइडन प्रशासन को उम्मीद है कि अन्य जी-7 सदस्य भी इस महामारी को ख़त्म करने के लिए इसमें अपना योगदान देंगे जिसने लगभग 4 लाख लोगों को जान ली है।

 

‘बाल्टी में एक बूँद’

अमेरिकी दवा निर्माता फ़ाइजर और उसके जर्मन पार्टनर बायोएनटेक ने पहले कहा था कि वे 2021 में 200 मिलियन ख़ुराक़ और 2022 की पहली छमाही में 300 मिलियन ख़ुराक़ प्रदान करेंगे।

फ़ाइजर के मुख्य कार्यकारी अल्बर्ट बौर्ला ने कहा, “अमेरिकी सरकार के साथ हमारी साझेदारी दुनियाभर के सबसे ग़रीब देशों में हमारे टीके की करोड़ों ख़ुराक़ को जल्द से जल्द लाने में मदद करेगी।”

गरीबी विरोधी अभियान समूह ऑक्सफ़ैम ने टीकों के वैश्विक उत्पादन को बढ़ाने का आह्वान किया।

ऑक्सफ़ैम अमेरिका के वैक्सीन लीड निको लुसियानी ने कहा, “निश्चित रूप से इन 500 मिलियन वैक्सीन ख़ुराकों का स्वागत है क्योंकि ये 250 मिलियन से अधिक लोगों की मदद करेंगी, लेकिन यह अभी भी दुनियाभर में ज़रूरत की तुलना में बाल्टी में एक बूंद की तरह है।”

 

Credit- Reuters

 

उन्होंने एक बयान में कहा, “हमें अधिक वैक्सीन निर्माण की दिशा में परिवर्तन की आवश्यकता है ताकि दुनियाभर में योग्य निर्माता बौद्धिक संपदा बाधाओं के बिना अरबों अधिक कम लागत वाली ख़ुराकों का उत्पादन अपनी शर्तों पर कर सकें।”

बाइडन ने कुछ वैक्सीन बौद्धिक संपदा अधिकारों की छूट के आह्वान का समर्थन किया है, लेकिन इसके आगे बढ़ने के बारे में कोई अंतरराष्ट्रीय सहमति नहीं बनाई गई है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और ग्लोबल अलायंस फ़ॉर वैक्सीन्स एंड इम्मयूनाइज़ेशन(GAVI) के नेतृत्व में COVAX कार्यक्रम के लिए 2 बिलियन डॉलर का फ़ंड भी दिया गया है।
इसके साथ ही GAVI और WHO ने इस पहल का स्वागत किया है।

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