December 2, 2021

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लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में बड़ा ख़ुलासा, फॉरेंसिक लैब रिपोर्ट में आशीष मिश्रा की बंदूक से गोली चलने की हुई पुष्टि

3 अक्टूबर की लखीमपुर खीरी घटना में फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट (एफ़एसएल रिपोर्ट) ने बड़ा ख़ुलासा किया है और इस बात की पुष्टि की है कि हिंसा में चार किसानों, एक पत्रकार और तीन भाजपा कार्यकर्ताओं सहित आठ लोग मारे जाने के दौरान गोली भी चली है।

 

Ashish Mishra

 

आरोपियों के पास से बरामद लाइसेंसी राइफ़ल, पिस्टल और रिपीटर गन की बैलिस्टिक जांच में यह बात सामने आई है। हालांकि मृतक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई थी।

बता दें मामले की जांच कर रही एसआईटी ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा, उसके साथी अंकित दास और उसके गनर के हथियार जांच के लिए फॉरेंसिक लैब में भेजे थे।

ग़ौरतलब है कि एफ़एसएल रिपोर्ट ने बेहद बड़ा ख़ुलासा करते हुए पुष्टि की कि आशीष मिश्रा की राइफ़ल, अंकित दास की पिस्तौल और उनके गनर की रिपीटर गन से गोलियां चलाई गईं। मिली जानकारी के अनुसार मौके से फ़रार होने के दौरान लाइसेंसी हथियारों से फ़ायरिंग की गयी।

 

3 अक्टूबर को क्या हुआ था?

तीन अक्टूबर को तिकुनिया क्षेत्र में कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे चार किसानों को वाहनों ने कुचल कर मार डाला गया था। इस हादसे में चार किसानों की मौत के साथ ही एक स्थानीय पत्रकार की भी थार जीप के पहिए के नीचे आने से मौत हो गई थी। जिसके बाद भड़की हिंसा में बीजेपी के तीन कार्यकर्ताओं की भी पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। इस मामले में मिश्रा, दास और सुमित जायसवाल समेत छह लोगों को गिरफ़्तार किया गया है।

किसान संघ और विपक्षी दल मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं। इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए यूपी पुलिस की जाँच से असंतोष ज़ाहिर किया था और उच्च न्यायालय के एक रिटायर्ड जस्टिस की निगरानी में जांच का सुझाव दिया था।

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