महागुन के खिलाफ सोमवार को 150 से अधिक खरीदारों ने जमकर प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारी अपने हाथों में बिल्डर के खिलाफ बिल्डर के कारनामों की पोल खोलते नारे लिखी तख्तियां लिए हुए थे। विंग-8 और विंग-9 के बायर्स का यह प्रदर्शन फेस-3 कंस्ट्रक्शन साइट से शुरू हुआ और बिल्डर के खिलाफ नारे लगाते हुए फेस-1 के मुख्य गेट तक पहुँचा है।

महागुन बिल्डर के ख़िलाफ फूटा बायर्स का गुस्सा, कंस्ट्रक्शन साइट पर किया जमकर हंगामा
महागुन बिल्डर के ख़िलाफ फूटा बायर्स का गुस्सा, कंस्ट्रक्शन साइट पर किया जमकर हंगामा

बिल्डर के द्वारा आज तक किए गए झूठे वादों को नारों के रूप में प्रदर्शित कर खरीदारों ने अपना दर्द बयां किया है। फ्लैट खरीददार प्रदर्शन करते हुए और नारे लगाते हुए महागुन मार्ट और कंस्ट्रक्शन साइट पर बने मार्केटिंग ऑफिस में पहुंचे और वहां भी बिल्डर के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। बायर्स की मांग है कि फेस-3 में 500 से अधिक लेबर लगाई जाए तथा महागुन के एमडी अमित जैन खुद खरीददारों से मिलकर उन्हें कंस्ट्रक्शन धीमा होने वह पोजीशन डेट के बारे बताएं।

बायर्स की ओर से ग्रुप का नेतृत्व कर रहे सुनील ननकानी जी ने महागुन प्रबंधन के समक्ष बायर्स की बात रखी है। प्रबन्धन द्वारा खरीददारों को गुमराह किए जाने पर उन्हें कड़ी फटकार लगाई। इस प्रदर्शन में बायर्स की ओर से सुनील, राजीव, रणजीत, कृष्णा, ज्ञानेन्द्र, विकास, सुमित, रजत, विपिन व जी.पार्थसारथी मुख्य रूप से बायर्स ग्रुप की अगवाई कर रहे।

बिल्डर नए खरीददारों को दिसम्बर 2021 तो पुराने खरीददारों को जून 2021 की पोजिशन डेट दे रहा है। किन्तु खरीददारों का कहना है कि ऐसी डेट तो उन्हें हर महीने मिलती है। महागुन फेज-3 जेनुअन और ऐक्टिव बायर्स ग्रुप का कहना है कि महागुन इंडिया नामक यह बड़ा बिल्डर इन छोटे-छोटे खरीदारों को पिछले 7 सालों से खून के आंसू रुला रहा है। वैश्विक मंदी और कोरोना का दंश तो समूचे देश और दुनिया के साथ- साथ यहां के घर खरीददार झेल ही रहे हैं। किंतु इन तमाम समस्याओं से भी एक बेहद बड़ी समस्या से ये लोग पिछले 7 सालों से जूझ रहे हैं।

आरोप है कि 95 फीसद पैसा इन खरीदारों से ले लेने के बावजूद बिल्डर इन्हें इनके घर देना तो दूर उसे बनाने की ओर भी ध्यान नहीं दे रहा है। इनमे से अधिकांश पर किस्त किराए की दोहरी मर मंदी के इस भयानक दौर में बज्रपात कर रही है।

इन्हें घर की चाबी सौंपने की अंतिम तारीख 4 वर्ष पूर्व निकल जाने के बाद भी साइट पर काम में कोई खास प्रगति न दिखाई देने के कारण अब इन खरीददारों का सब्र खोने लगा है। खरीददारों के सब्र का यह टूटता बांध सैलाब बन बिल्डर का तथाकथित ब्रांड नेम, साख, रसूख, तजुर्बा, गुडविल, सबकुछ भयानक बाढ़ की भांति बहा ले जाने को तैयार है। सोशल मीडिया के महासागर में भी खरीदारों में मचा कोहराम बिल्डर की अच्छी खासी फजीहत कर रहा है।

महागुन माइवुड्स में होने वाला यह प्रोटेस्ट यह प्रदर्शन बिल्डर के खिलाफ आज तक हुए तमाम धरना प्रदर्शनों से कुछ हटकर, कुछ बढ़कर है। क्योंकि इसे रोकने, इसे थामने और इसे बरगलाने में बिल्डर का 25 सालों का धूर्तपने का वह तजुर्बा भी नाकाफी हो रहा है। जिसके बूते बिल्डर ने महागुन नामक यह लूट का साम्राज्य स्थापित किया है।