October 24, 2021

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क्या कोरोना टीकाकरण से बढ़ रही है महिलाओं के पीरियड साइकल में अनियमितता? अध्ययन में जताई गई आशंका

दुनियाभर में माहवारी(menstruation) को लेकर लोगों की भारी संख्या में शिकायतों के बाद, पिछले हफ़्ते यूनाइटेड किंगडम में एक साप्ताहिक पीयर-रिव्यू मेडिकल जर्नल ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की जिसमें कहा गया कि कोविड -19 वैक्सीन और मासिक धर्म परिवर्तन के बीच एक लिंक “तर्कसंगत है और इसकी जांच की जानी चाहिए।”

 

Credit- Reuters

इंपीरियल कॉलेज लंदन के एक प्रजनन विशेषज्ञ डॉ विक्टोरिया माले ने BMJ में लिखा है कि टीके और वायरस के संक्रमण दोनों से प्रेरित इम्मयून सिस्टम अस्थायी रूप से माहवारी चक्र(menstrual cycle) को प्रभावित कर सकती है, “इसलिए इन प्रभावों का अध्ययन करना ज़रूरी है”।

बता दें कि covid-19 टीकाकरण शुरू होने के बाद से महिलाएं लगातार माहवारी यानी पीरियड्स से जुड़ी कई तरह की मानसिक और शारिरिक स्वास्थ्य समस्यओं को साझा कर रही हैं। वे ज़ोर दे रही हैं कि टीका लगवाने के बाद से उनके पीरियड्स में अनियमितता है, इसके अलावा भी उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

क्या गंभीर है पीरियड साइकल में ये बदलाव?

हालांकि, टीके सुरक्षित और प्रभावी हैं और इसका समर्थन करने के लिए पर्याप्त आंकड़े मौजूद हैं।
डॉ माले ने कहा कि इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि अगर टीकाकरण से माहवारी में समस्या होती है तो वे अस्थायी और हानिरहित होते हैं।

माले ने लिखा, “युवा महिलाओं में टीके को लेकर हिचकिचाहट काफ़ी हद तक झूठे दावों से प्रेरित है कि कोविड -19 टीके भविष्य में गर्भावस्था की संभावना(future pregnancy) को नुकसान पहुंचा सकते हैं।”

माले ने आगे कहा, “मासिक धर्म की रिपोर्ट की पूरी तरह से जांच करने में विफलता इस डर को और हवा देगी”

 

Credit- Reuters

उन्होंने कहा, “यदि टीकाकरण और माहवारी में बदलाव के बीच एक लिंक की पुष्टि की जाती है, तो यह जानकारी लोगों को संभावित रूप से इस साइकिल में बदलवा के लिए तैयारी करने में मददगार साबित होगी। स्पष्ट और विश्वसनीय जानकारी उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो प्रेगनेंट होने या उससे बचने के लिए अपने पीरियड साइकल पर भरोसा करती हैं।”

माले ने लिखा,”ज़्यादातर लोग जो टीकाकरण के बाद अपने पीरियड साइकल में अनियमितता रिपोर्ट करते हैं, वे पाते हैं कि यह अगली साइकल में ये सामान्य हो जाता है और महत्वपूर्ण रूप से, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि कोविड -19 टीकाकरण प्रजनन क्षमता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव डालता है।”

क्यों हो रही है ये समस्या?

माले का कहना है कि, “एमआरएनए और एडेनोवायरस वेक्टरेड दोनों के कोविड -19 टीके में होने के कारण माहवारी में बदलाव की सूचना मिल रही है, जो इस बात का सुझाव देते हैं कि अगर वैक्सीन का इससे कोई संबंध है तो वह इम्मयून सिस्टम की टीके के प्रति प्रतिक्रिया के कारण है न कि किसी विशेष वैक्सीन के घटक के कारण।

“मानव पेपिलोमावायरस (एचपीवी) के ख़िलाफ़ टीकाकरण भी माहवारी परिवर्तन से जुड़ा हुआ है। वास्तव में, पीरियड साइकल वायरल संक्रमण सहित विभिन्न स्टिमुली(stimuli) की प्रतिक्रिया में इम्यून एक्टिवेशन से प्रभावित हो सकता है: मासिक धर्म वाली महिलाओं के एक अध्ययन में, लगभग एक चौथाई SARS-CoV-2 से संक्रमित महिलाओं को पीरियड साइकल में दिक़्क़त पैदा हुई।

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