September 26, 2021

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अफगानिस्तान के लोगों को शरण देंगे कनाडा के प्रधानमंत्री, नेटो नहीं देगा तालिबान को मान्यता

तालिबान अफगानिस्तान के प्रमुख शहरों पर शिकंजा कसता जा रहा है। तालिबान ने 34 में से 19 प्रांतों और उनकी राजधानियों पर कब्जा कर लिया है।

तालिबान सूत्रों ने बताया कि वे अब राजधानी काबुल से महज 50 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद हैं। इसके साथ ही लड़ाके काबुल की सीमा से लगी लोगार की प्रांतीय राजधानी फूल-ए-आलम में घुस गए हैं जो राजधानी काबुल से सिर्फ 50 किलोमीटर की दूरी पर है। बता दें शुक्रवार को ही तालिबान ने कंधार और लश्कर गाह पर भी अपना कब्जा जमा लिया।

अशरफ गनी का इस्तीफ़ा देने से इनकार

राजधानी काबुल में सरकार और सैन्य अधिकारियों की सरगर्मी बढ़ गई है। शुक्रवार को ही राष्ट्रपति अशरफ गनी ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एक हाईलेवल मीटिंग की। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि हम तालिबान से मजबूती के साथ लड़ेंगे। उधर तालिबान ने गनी को राष्ट्रपति पद छोड़ने को कहा है तो वहीं पाकिस्तान भी गनी को लेकर ऐसी ही मांग करता रहा है।

20,000 अफगान लोगों को देंगे शरण – जस्टिन ट्रूडो

कनाडा ने तालिबान की बढ़ती हिंसा के कारण देश छोड़ने को मजबूर अफ़गान लोगों की मदद करने की घोषणा की। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इसकी जानकारी देते हुए एक ट्वीट में लिखा, “अफ़ग़ानिस्तान में हालात ख़राब हो रहे हैं और वहाँ के लोगों की ज़िदगी ख़तरे में है। उनकी मदद के लिए हम अपने रिसेटलमेंट प्रोग्राम का विस्तार कर रहे हैं – हम 20,000 प्रभावित अफ़ग़ानिस्तान के लोगों को शरण देंगे और इस प्रक्रिया में तेज़ी लाएंगे।”

तालिबान को नहीं मिलेगी मान्यता – नेटो

अफ़ग़ानिस्तान में बिगड़ते हालात के बीच नेटो (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइज़ेशन) के सेक्रटरी जनरल जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि नेटो के सहयोगी देश अफ़ग़ानिस्तान में संघर्ष का राजनीतिक समाधान चाहते हैं और तालिबान अगर बलपूर्वक सत्ता में आता है, तो उसे मान्यता नहीं दी जाएगी।

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