मनीष सिसोदिया के घर समेत 31 जगहों पर 11 घंटे से सीबीआई की रेड जारी, AAP ने बताया साजिश

by Priya Pandey
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दिल्ली की शराब नीति में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सीबीआई ने शुक्रवार सुबह दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर पर छापा मारा. लगभग 11 घंटे से सीबीआई की टीम मनीष सिसोदिया के घर मौजूद है. इस मामले में मनीष सिसोदिया समेत 15 लोगों के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर भी दर्ज की है. छापेमारी को लेकर आम आदमी पार्टी ने पीएम मोदी (PM Modi) पर केंद्रीय एजेंसी का उपयोग करके पार्टी को बदनाम करने का आरोप लगाया है. जानिए इस छापेमारी से जुड़ी बड़ी बातें. 

  1. सीबीआई ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के दिल्ली स्थित घर और सात राज्यों में 20 अन्य स्थानों पर छापेमारी की. लगभग 9 घंटे से सीबीआई की रेड जारी है. सीबीआई ने बताया कि दिल्ली समेत सात राज्यों में छापेमारी की जा रही है. बता दें कि, दिल्ली सरकार की नई शराब नीति के खिलाफ दिल्ली के उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी.
  2. इस मामले में मनीष सिसोदिया समेत 15 लोगों के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है. जिसमें आबकारी अधिकारियों, शराब कंपनी के अधिकारियों, डीलरों के साथ-साथ अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों के नाम भी शामिल हैं. ये एफआईआर 120-B, 477-A और सेक्शन-7 के तहत दर्ज की गई है. इस नीति के तहत शराब की दुकान के लाइसेंस निजी कारोबारियों को सौंपे गए थे.
  3. सीबीआई ने बताया कि आबकारी नीति मामले में दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़, मुंबई, हैदराबाद, लखनऊ, बेंगलुरु सहित 31 स्थानों पर आज तलाशी ली जा रही है, जिसमें अब तक आपत्तिजनक दस्तावेज/लेख, डिजिटल रिकॉर्ड आदि की बरामदगी हुई है. जांच चल रही है.
  4. आबकारी विभाग की देखरेख करने वाले मनीष सिसोदिया ने कहा कि नीति सरकारी शराब की दुकानों में भ्रष्टाचार से निपटने के लिए थी. सीबीआई की रेड के बाद मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया, “सीबीआई मेरे आवास पर है. मैं जांच एजेंसी के साथ सहयोग करूंगा, उन्हें मेरे खिलाफ कुछ भी नहीं मिलेगा.” सिसोदिया ने कहा कि, “केंद्र हमारी सरकार द्वारा स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए अच्छे कामों से परेशान है और इसीलिए दोनों विभागों के मंत्रियों को निशाना बनाया गया.” बता दें कि, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन मई से जेल में हैं.
  5. रेड के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और कहा कि कोई भी छापेमारी उनकी पार्टी को देश के लोगों के लिए अच्छा काम करने से नहीं रोक सकती. उन्होंने कहा, “हमारे मिशन में हमारे रास्ते में कई बाधाएं पैदा होंगी. पहले भी छापे मारे गए हैं, लेकिन कुछ भी नहीं निकला और इस बार भी कुछ नहीं निकलेगा. हम सीबीआई का पूरा सहयोग करेंगे.”
  6. आप ने बीजेपी पर राजनीतिक साजिश के तहत उसके मंत्रियों को लगातार निशाना बनाने का आरोप लगाया. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि, “सीबीआई सिसोदिया के दरवाजे पर उस दिन आई जिस दिन दिल्ली के शिक्षा मॉडल की प्रशंसा की गई और मनीष सिसोदिया की तस्वीर अमेरिका के सबसे बड़े अखबार के पहले पन्ने पर छपी है. उन्होंने कहा कि ये साबित करता है कि मनीष सिसोदिया दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षा मंत्री हैं.”
  7. आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, “जनता के समर्थन और अरविंद केजरीवाल की बढ़ती लोकप्रियता को देखकर बीजेपी और पीएम मोदी डरे हुए हैं. उन्होंने हमारे लोगों और नेताओं के पीछे सीबीआई और अन्य केंद्रीय एजेंसियों को लगाया है. इनका एक ही एक ही लक्ष्य है कि केजरीवाल को खत्म करो.”
  8. दिल्ली सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि, “सीबीआई जांच के डर ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को सीबीआई छापों को शिक्षा क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्यों से जोड़ने के लिए मजबूर किया है. ये शिक्षा के बारे में नहीं है, बल्कि आबकारी नीति के बारे में है. आबकारी नीति में भ्रष्टाचार ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया का असली चेहरा उजागर कर दिया है. आम आदमी पार्टी पर ये भ्रष्टाचार का पहला मामला नहीं है. दिल्ली में शराब की दुकानों में भारी भ्रष्टाचार हुआ है.”
  9. पूर्व क्रिकेटर और बीजेपी नेता गौतम गंभीर ने इस मामले को लेकर कहा कि शराब स्वास्थ्य और आत्मा दोनों के लिए हानिकारक है. गंभीर ने ट्वीट किया, “महात्मा गांधी ने कहा था कि शराब शरीर और आत्मा दोनों को नष्ट कर देती है.”
  10. सीबीआई के छापे पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने कहा कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों का निरंतर दुरुपयोग उनकी विश्वसनीयता को कम करता है. पार्टी प्रवक्ता पवन खेरा ने ट्वीट कर कहा, “एजेंसी के दुरुपयोग का एक बड़ा नुकसान ये भी है कि जब एजेंसी सही काम भी करती है तो संदेह के घेरे में आ जाती है. इस प्रक्रिया में भ्रष्ट लोग दुरुपयोग तर्क के पीछे छिप जाते हैं और इसकी कीमत इमानदारों को चुकानी पड़ती हैं.”

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