October 26, 2021

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लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र और उनके बेटे पर दर्ज हुआ हत्या का मामला

उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार को कहा कि उन्होंने राज्य के लखीमपुर ज़िले में रविवार की हिंसा के संबंध में किसानों द्वारा दर्ज कराई गई शिक़ायत के आधार पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी, उनके बेटे आशीष मिश्रा और अन्य पर हत्या और अन्य आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है।

 

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लखीमपुर खीरी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विजय ढुल ने कहा कि FIR भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत हत्या के लिए, 120-बी आपराधिक साज़िश के लिए और 147 तिकुनिया में दंगा के लिए दर्ज की गई है।

पुलिस के मुताबिक़, लखीमपुर खीरी में प्रदर्शन कर रहे किसानों की एक कार की टक्कर में हुई हिंसा में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर एक काफ़िले की चपेट में आने से चार किसानों की मौत हो गई और एक वाहन में यात्रा कर रहे चार अन्य लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।

यह घटना उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इलाके का दौरा करने से कुछ मिनट पहले की है। किसान तीन केंद्रीय कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे थे। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि चार किसानों में से एक की अजय मिश्रा टेनी के बेटे ने गोली मारकर हत्या कर दी थी और अन्य को उनके काफ़िले के वाहनों द्वारा कथित रूप से कुचल दिया गया था।

मंत्री ने हालांकि कहा कि उनका बेटा मौके पर मौजूद नहीं था और केवल उनके स्वामित्व वाली जीप ही थी जो भाजपा कार्यकर्ताओं को ले जा रही थी। उन्होंने एएनआई को बताया, “मेरा बेटा मौके पर मौजूद नहीं था। कुछ बदमाशों ने कार्यकर्ताओं पर लाठियों और तलवारों से हमला किया। अगर मेरा बेटा होता तो वह ज़िंदा नहीं निकलता।”

मिश्रा ने कहा, ‘लखीमपुर खीरी यात्रा के दौरान किसानों के विरोध के बीच हमारे कार्यकर्ता हमारा स्वागत करने आए। आंदोलन कर रहे किसानों में से कुछ बदमाशों ने कार पर पथराव शुरू कर दिया और हमारे ड्राइवर को घायल कर दिया। इससे हमारी कार असंतुलित हो गई और उसकी चपेट में आने से 2 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद, हमारे 3 कार्यकर्ता मारे गए और कारों में आग लगा दी गई।”
उन्होंने लोगों को मार डाला और कारों को क्षतिग्रस्त कर आग लगा दी। हमारे पास वीडियो सबूत हैं।”

उन्होंने कहा कि ”हमारे चार (भाजपा कार्यकर्ता) कार्यकर्ता मारे गए” और कहा कि दोषियों के ख़िलाफ़ धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।”

किसानों ने की जाँच की माँग

इस बीच, लखीमपुर खीरी ज़िला प्रशासन और पुलिस रविवार की देर रात लखीमपुर खीरी पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत के साथ बातचीत कर रहे थे, ताकि उनका विरोध समाप्त हो सके और पीड़ितों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा सके।

लखीमपुर खीरी के ज़िलाधिकारी एके चौरसिया ने कहा कि उन्हें किसानों से एक ज्ञापन मिला है, जिसमें केंद्रीय मंत्री मिश्रा को बर्खास्त करने, उनकी शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने, मृतक के परिवार को अनुग्रह राशि और सरकारी नौकरी देने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि वे घटना की न्यायिक जांच की भी मांग करते हैं।

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