September 26, 2021

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राहुल गांधी की बैठक के बाद छत्तीसगढ़ सरकार में फेरबदल की आशंका

राहुल गांधी की छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टी.एस. सिंह देव से बैठक के बाद, यह व्यापक रूप से उम्मीद है कि राज्य में एक मामूली पोर्टफोलियो फेरबदल हो सकता है। इस बाबत सिंह देव को कैबिनेट में अधिक महत्व दिया जा सकता है और संभावना है कि उन्हें जल्द ही एक पोर्टफोलियो सौंपा जा सकता है।

 

 

वर्तमान में, उनके पास एक स्वास्थ्य पोर्टफोलियो है। सूत्रों ने कहा कि राहुल गांधी दोनों नेताओं के मुद्दे पर काफ़ी परेशान हैं और उन्होंने महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल को इसे हल करने के लिए कहा है। कहा जा रहा है कि सिंह देव को वित्त विभाग सौंपा किया जा सकता है, हालांकि इसपर अंतिम निर्णय सोनिया गांधी द्वारा लिया जाएगा।

राहुल गांधी के साथ बैठक में, सिंह देव ने शिकायतों को सामने रखते हुए अमरजीत भगत के ख़िलाफ़ शिकायत।

इस बीच बुधवार को बैठक के बाद दिल्ली से लौटने पर बघेल का रालपुर में ज़ोरदार स्वागत हुआ।

सिंह देव द्वारा बारी-बारी(rotational) से मुख्यमंत्री पद की मांग का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, “जब सोनिया और राहुल जी मुझे आदेश देंगे तो मैं पद छोड़ दूंगा। 2-2.5 साल की योजना के बारे में बात करने वाले राजनीतिक अस्थिरता लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे कभी सफल नहीं होंगे।”

मंगलवार को राहुल गांधी के आवास पर करीब ढाई घंटे तक बैठक चली। बैठक के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी पी.एल. पुनिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ में नेतृत्व परिवर्तन पर कोई चर्चा नहीं हुई है।”

इन दोनों नेताओं की राहुल गांधी के साथ बैठक तब हुई जब देव के राज्य में शीर्ष पद के लिए कथित दावों के बीच बारी-बारी से मुख्यमंत्री पद की मांग की गई थी। बघेल और देव के बीच मतभेदों की कई खबरें थीं और देव ने मुख्यमंत्री बघेल को बदलने की बात की महीनों तक पैरवी की।

27 जुलाई को जब विपक्ष ने कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह के आरोपों की हाउस पैनल जांच की मांग को लेकर हंगामा किया कि मंत्री उन पर हमले के पीछे थे, तब देव यह कहते हुए विधानसभा से चले गए कि, “यह ज़्यादा ही हो रहा है”।

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