October 26, 2021

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‘LAC पर यथास्थिति बिगाड़ने के लिए चीनी पक्ष का रवैया उकसाने वाला और एकतरफ़ा था’ – भारतीय विदेश मंत्रालय

भारत ने शुक्रवार को कहा कि यह द्विपक्षीय समझौतों के उल्लंघन में यथास्थिति को बदलने के लिए चीनी पक्ष का “उकसाने वाला व्यवहार और एकतरफ़ा प्रयास” था, जिसकी वजह से गलवान घाटी की घटना हुई।

 

S Jaishankar/Reuters

 

यह बयान विदेश मंत्रालय द्वारा चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की टिप्पणी के जवाब में जारी किया गया है जिसमें कहा गया कि “गलवान घाटी की घटना इसलिए हुई क्योंकि भारत ने सभी संधियों और समझौतों का उल्लंघन किया और चीन के क्षेत्र पर अवैध रूप से कब्ज़ा कर लिया।”

चीन द्वारा दिए गए बयान को खारिज करते हुए, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पर हुए पिछले साल के घटनाक्रम के संबंध में भारत की स्थिति स्पष्ट और सुसंगत रही है।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा, “यह हमारे सभी द्विपक्षीय समझौतों के उल्लंघन में चीनी पक्ष का उत्तेजक व्यवहार और एकतरफ़ा प्रयास था, जिसके परिणामस्वरूप शांति भंग हुई। इससे द्विपक्षीय संबंधों पर भी असर पड़ा है।”

मंत्रालय की ओर से आगे जोड़ा गया, “जैसा कि इस महीने की शुरुआत में चीनी विदेश मंत्री के साथ अपनी बैठक में विदेश मंत्री द्वारा ज़ोर दिया गया था, यह हमारी अपेक्षा है कि चीनी पक्ष द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करते हुए पूर्वी लद्दाख में एलएसी के साथ बाक़ी मुद्दों के लिए जल्द से जल्द समाधान की दिशा में काम करेगा।”

 

EAM में दोनों के बीच हुई थी शांति बहाली पर बात

पिछले हफ़्ते, विदेश मंत्री (ईएएम) एस जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष वांग यी ने रेखांकित किया था कि बाक़ी मुद्दों का समाधान करने की ओर क़दम बढ़ाना भी ज़रूरी है ताकि पूर्वी लद्दाख में LAC पर शांति बहाल हो सके।

बीते दिनों दुशांबे में 21वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान बैठक में, दोनों मंत्रियों ने सहमति व्यक्त की थी कि “दोनों पक्षों के सैन्य और राजनयिक अधिकारियों को फिर से मिलना चाहिए और जल्द से जल्द बाक़ी मुद्दों को हल करने के लिए अपनी चर्चा जारी रखनी चाहिए।”

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