November 27, 2021

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कृषि क़ानूनों के रद्द होने के बाद कांग्रेस ने किया देशव्यापी ‘किसान विजय दिवस’ का ऐलान, कैंडल मार्च और रैलियाँ आयोजित

केंद्र के तीनों कृषि क़ानूनों के वापस लेने के बाद कांग्रेस ने शनिवार को देशव्यापी ‘किसान विजय दिवस’ मनाने का ऐलान किया है। पार्टी ने कहा है कि ये विजय दिवस किसानों की लंबी और उत्साही लड़ाई के रूप में याद किया जाएगा।

 

PTI

 

कांग्रेस नेता आंदोलन के दौरान मारे गए 700 से अधिक किसानों के परिवारों से भी मिलेंगे और दिवंगत आंदोलनकारियों की आत्माओं की शांति के लिए कैंडल मार्च और रैलियां निकालेंगे।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव के सी वेणुगोपाल ने सभी राज्य इकाइयों से शनिवार को राज्य, ज़िला और ब्लॉक स्तर पर इस तरह की रैलियां और कैंडल मार्च आयोजित करने को कहा है।

पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुखों को लिखे एक पत्र में, वेणुगोपाल ने कहा कि तीन “कठोर” कृषि क़ानूनों को रद्द करना किसानों की जीत है और किसानों के विरोध, उनके बलिदान और कांग्रेस पार्टी व राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुट विपक्ष की साल भर की अडिग लड़ाई का परिणाम है।

 

एक साल का संघर्ष और किसान

बता दें कि बीते साल सितंबर में पारित हुए 3 कृषि क़ानूनों के पारित होते ही इसपर किसानों की नाराज़गी देखी गई। विशेषकर पंजाब और हरियाणा के किसानों ने व्यापक स्तर पर आंदोलन की शुरुआत की और इसी कड़ी में लाखों की संख्या में किसान दिल्ली की सीमाओं पर मुस्तैद हो गए।

साल भर के लंबे संघर्ष और मौसम की मार के बावजूद आंदोलनरत किसानों ने अपनी इन क़ानूनों को रद्द करने की माँग को जारी रखा।

इन क़ानूनों में किसान व्यापार और वाणिज्य का उत्पादन (पदोन्नति और सुविधा) अधिनियम, 2020, किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत पर समझौता आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम, 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 शामिल हैं।

केंद्र, जिसने किसानों के साथ कई दौर की औपचारिक बातचीत की है, ने कहा था कि नए क़ानून किसान समर्थक हैं, जबकि प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि क़ानूनों के कारण उन्हें निगमों की दया पर छोड़ दिया जाएगा और MSP प्रभावित होगी।

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