September 28, 2021

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‘कांग्रेस एक ऐसा ज़मींदार है जो अपनी हवेली भी नहीं सम्हाल सका’ – शरद पवार

गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि पार्टी को अब यह स्वीकार कर लेना चाहिए कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक अब उसका दबदबा वैसा नहीं रह गया है जैसा कभी हुआ करता था।

 

ANI

 

पवार ने इशारा किया कि महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ गठबंधन में उनके सहयोगी दल को वास्तविकता की जांच करनी चाहिए।

पवार ने कहा, “एक समय था जब कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक कांग्रेस थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। यह (सच) स्वीकार किया जाना चाहिए। यह (तथ्य) स्वीकार करने की मानसिकता (कांग्रेस के अंदर) जब होगी तब नज़दीकी (अन्य विपक्षी दलों के साथ) बढ़ जाएगी।”

इंडिया टुडे समूह के मराठी डिजिटल मंच ‘मुंबई तक’ को उन्होंने बताया कि, “जब नेतृत्व की बात आती है तो कांग्रेस के मेरे सहयोगी अलग नज़रिया रखने के पक्ष में नहीं हैं।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि 2024 में जब लोकसभा चुनावों में ममता बनर्जी को एकजुट विपक्ष का चेहरा होने के विषय में बताया गया तब कांग्रेस के लोगों का का रुख़ यह था कि उनके पास राहुल गांधी हैं। इस बात पर चुटकी लेते हुए पवार ने कहा, “सभी दल, खासकर कांग्रेस के सहयोगी अपने नेतृत्व पर अलग रुख अपनाने को तैयार नहीं हैं।”

जब उनसे यह बात पूछी गई कि क्या इस रवैये के पीछे उनका अहंकार है तब पवार ने ज़मींदारों के जुड़ा एक क़िस्सा उद्धृत किया जिसने अपनी ज़्यादातर ज़मीन खो दी थी और अपनी हवेली की देखभाल करने में भी वह असमर्थ था।

उन्होंने कहा, “मैंने उत्तर प्रदेश के ज़मींदारों के बारे में एक कहानी सुनाई थी जिनके पास काफ़ी ज़मीन और बड़ी हवेलियां हुआ करती थीं। भू-सीमन क़ानून के कारण उनकी ज़मीन कम हो गई। हवेलियां बनी रहीं लेकिन उनके रखरखाव व मरम्मत की क्षमता (ज़मींदारों की) नहीं रही। उनकी कृषि से होने वाली आय भी पहले जैसी नहीं थी। कई हज़ार एकड़ से सिमटकर उनकी ज़मीन 15-20 एकड़ रह गई। ज़मींदार जब सुबह उठा, उसने आसपास के हरे-भरे खेतों को देखा और कहा कि सारी जमीन उसकी है। वो कभी उसकी थी लेकिन अब नहीं है।”

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