October 26, 2021

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असम कांग्रेस ने अनुशासन के उल्लंघन पर किया विधायक शर्मन अली अहमद को निलंबित

असम कांग्रेस ने सोमवार को अपने विधायक शर्मन अली अहमद को पार्टी के अनुशासन का “बार-बार उल्लंघन” करने के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

 

 

पार्टी महासचिव बोबीता शर्मा ने कहा कि एपीसीसी अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने एक आदेश के तहत अहमद को कांग्रेस से निलंबित कर दिया है।

बता दें कि दारांग ज़िले में हाल ही में हुए एविक्शन ड्राइव के संदर्भ में अहमद को शनिवार को उनके सरकारी आवास से कथित रूप से भड़काऊ टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था।

गुवाहाटी में कामरूप ज़िला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने रविवार को उन्हें आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पिछले हफ़्ते विधायक को राज्य में उपचुनाव से पहले सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ बयान देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था और उनसे तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा था।

एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि रविवार को असम कांग्रेस विधायक दल (एसीएलपी) ने सर्वसम्मति से सिफ़ारिश की थी कि एपीसीसी अहमद के ख़िलाफ़ पार्टी “अनुशासन का बार-बार उल्लंघन” करने के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई करे।

ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) और भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) सहित कई संगठनों ने विधायक के ख़िलाफ़ उनकी टिप्पणी के लिए शिकायत दर्ज की है।

दारांग ज़िले के गोरुखुटी में पिछले महीने आयोजित एक एविक्शन ड्राइव पहले दिन तो शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया, लेकिन दूसरे दिन स्थानीय लोगों द्वारा कड़ा प्रतिरोध दर्ज किया गया जिसमें एक 12 वर्षीय लड़के सहित पुलिस की गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई।

इस हाथापाई में 20 से अधिक लोग घायल हो गए। अहमद ने कथित तौर पर “सांप्रदायिक” टिप्पणी की, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन के कुछ नेताओं ने दावा किया कि दरांग ज़िले के सिपाझार इलाके में कथित अतिक्रमणकारियों ने छह साल के लंबे असम आंदोलन के दौरान 1983 में आठ लोगों की “हत्या” की थी।

विधायक ने दावा किया कि आंदोलन में मारे गए आठ लोग “शहीद नहीं, बल्कि हत्यारे” थे, क्योंकि वे सिपाझार इलाके के अल्पसंख्यक समुदाय के अन्य लोगों को मारने में शामिल थे, जहां गोरुखुटी स्थित है।

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