September 27, 2021

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केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी का विवादित बयान, कहा ये किसान नहीं मवाली हैं, विवाद के बाद बयान वापस लिया

केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने किसानों को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि संसद के बाहर प्रदर्शन कर रहे किसान नहीं मवाली हैं।

उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान संसद में शामिल हुए किसानों के बारे में कहा कि उन पर ध्यान देना दें क्योंकि वे आपराधिक गतिविधियां कर रहे हैं। 26 जनवरी को जो कुछ हुआ वह भी शर्मनाक था। उस हिंसा को विपक्ष की ओरसे ऐसी चीजों को बढ़ावा दिया गया। कैबिनेट मंत्री मीनाक्षी ने किसान के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि आप पहले उन्हें किसान कहना बंद कीजिए। वे किसान नहीं हैं क्योंकि किसानों के पास इतना समय नहीं है कि जंतर-मंतर पर धरना देने बैठे।

विवाद के बाद शब्द वापस लिए

किसान को मवाली कहने के बाद विवाद बढ़ने के कारण मीनाक्षी लेखी ने कहा कि मेरे बयान का गलत मतलब निकाला गया और उसे तोड़ मरोड़ के पेश किया गया। अगर किसानों से जुड़े मेरे कमेंट से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं बयान बात वापस लेती हूं। उधर राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों के बारे में ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए क्योंकि किसान देश का अन्नदाता है।

ब्रिटेन की संसद में बहस और यहां खामोशी

सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने कहा कि ब्रिटेन की संसद में इस पर बहस हो रही, लेकिन हमारी सरकार इस मुद्दे पर खामोश है। बता दें कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर किसानों ने जंतर-मंतर पर किसान संसद लगाई। इस दौरान राकेश टिकैत सहित सभी किसान तीनों कानून रद्द करने की मांग पर अड़े रहे।

500 से ज्यादा किसानों की मौत – अकाली दल

शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि किसान दिल्ली बॉर्डर पर 8 महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं और 500 से ज्यादा किसानों की इस प्रदर्शन में जान जा चुकी है। फिर भी सरकार को किसानों की कोई चिंता नहीं है। वे लोग कृषि कानून वापस लेने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के प्रतिनिधि को संसद में अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जा रहा है। मंत्री किसानों से बात करने की इच्छा तो व्यक्त करते हैं लेकिन वो ये करना नहीं चाहते।

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