ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले गांव चुहडपुर, खादर, घरबरा, मुर्शदपुर, बरसात इमलिया, गाढ़ा, दादूपूर नवादा, जुनेदपुर, पंचायतन, घंघोला, कुलीपूरा, बिरोंडा, बिरोंडी, कनारसी, अमरपुर आदि गांवों को स्मार्ट विलेज एवं गांवों की मूलभूत समस्याओं को लेकर करप्शन फ्री इंडिया संगठन के कार्यकर्ता ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक नरेंद्र भूषण से मिलकर मूलभूत समस्याओं के समाधान और सभी गांवों को स्मार्ट विलेज बनवाने की मांग की है।

ग्रेटर नोएडा के गाँवों को स्मार्ट विलेज बनाने के लिए करप्शन फ्री इंडिया ने की सीईओ नरेंद्र भूषण से मुलाकात
ग्रेटर नोएडा के गाँवों को स्मार्ट विलेज बनाने के लिए करप्शन फ्री इंडिया ने की सीईओ नरेंद्र भूषण से मुलाकात

करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय और आलोक नागर ने बताया कि, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों को स्मार्ट विलेज बनवाने की मांग को लेकर प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक नरेंद्र भूषण को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने बताया कि, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने जिन-जिन गांवों की भूमि अधिग्रहण की है। उन उन गांवों को प्राधिकरण ने स्मार्ट विलेज बनाने का वादा किया था। लेकिन प्राधिकरण की लापरवाह रवैया के कारण आज प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले गांव मूलभूत समस्याओं के समाधान की बाट देख रहे हैं। गांव में बिजली पानी सड़क सुरक्षा आदि की समस्याएं बनी हुई हैं। गांव के मुख्य रास्ते स्ट्रीट लाइट, नाली, सीवर, ओवरफ्लो, बरात-घर, तालाब आदि समस्याओं से ग्रामीण जूझ रहे हैं।

करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक सदस्य आलोक नागर ने कहा कि, प्राधिकरण के दोहरे चरित्र के कारण आज यहां के ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति विकास के मामलों में बहुत पीछे हैं। गांव के किसानों ने अपनी जमीन इस वादे के साथ प्राधिकरण को दी थी कि किसानों को रोजगार मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी। लेकिन सरकार और प्राधिकरण के दोहरे चरित्र के कारण स्थानीय लोगों को ना तो रोजगार मिल पाया और ना ही मूलभूत सुविधाएं मिल पाए। अगर प्राधिकरण ने जल्द ही गांव को स्मार्ट विलेज के रूप में तब्दील नहीं किया तो करप्शन फ्री इंडिया संगठन आंदोलन करेगा।