September 26, 2021

MotherlandPost

Truth Always Wins!

कोरोना के डेल्टा वेरिएंट की चपेट में अमेरिका, दिख रहे हैं भारत जैसे हालात

अमेरिका में कोरोना की तीसरी लहर में डेल्टा वेरिएंट के प्रभाव से हालात बदतर होते जा रहे हैं। द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक़ रोज़ाना अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या औसतन 100,000 से भी अधिक है।

 

Credit- WHO

 

पिछले सात दिनों में गणना के आधार पर बीती सर्दियों को छोड़दें तो किसी भी कोरोना आँकड़े की तुलना में अधिक है। मारीज़ों की आमद अस्पतालों में तनाव पैदा कर रही है और स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारियों के लिए ये एक बड़ी चिंता का विषय है।

ख़बर है कि अमेरिका के दक्षिणी हिस्‍से में अस्‍पतालों की हालत बेहद ख़राब है। यहां ज़्यादातर मरीज़ वे हैं जिन्हें अभी तक वैक्सीन नहीं लग सकी है।

इसके अलावा मार्च के बाद पहली बार मौतें एक दिन में औसतन 1 हज़ार से अधिक हो गई हैं। वहीं दूसरी ओर पिछले दो महीनों में, विशेष रूप से दक्षिणी राज्यों में, जहां आई.सी.यू. बेड भर रहे हैं, वहां देश के सबसे कम टीकाकरण दरों और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों जैसे मास्क की ज़रूरतों को लेकर व्यापक राजनीतिक विरोध से भी से भी संकट पैदा हो रहा है।

 

नर्स की कमीं से मारीज़ों पर दोहरी मुसीबत

अमेरिका के स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, फ्लोरिडा में 16,457 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जो टेक्सास के बाद किसी भी राज्य में सबसे बड़ा आँकड़ा है।

तेज़ी से भर रहे अस्पतालों के कारण बेडसाइड नर्सों की कमीं भी देखने को मिल रही है, जिस कारण इमरजेंसी रूम में मारीज़ों को ज़्यादा लिम्बी लाइन लगाकर इंतज़ार करना पड़ रहा है और इस वजह से लोगों के इलाज में भी बाधाएं आ रही हैं।

समाचार एजेंसी सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक़ अमेर‍िका के कई शहरों में ऑक्सीजन की कमीं भी दर्ज की गई है जिसके चलते अस्‍पतालों को अपने रिज़र्व से ऑक्‍सीजन का इस्‍तेमाल करना पड़ रहा है।

कोरोना के नए कहर डेल्टा वेरिएंट के कारण लोगों के फेफड़े ख़राब हो रहे हैं और ऑक्सीजन की सप्लाई में कमीं से हालात और भी गंभीर होती जा रही है। डॉक्‍टरों का कहना है क‍ि डेल्‍टा वेरिएंट की वजह से लोगों के फेफड़े ज़्यादा ख़राब हो रहे हैं जिससे कई मारीज़ों की मौत हो रही है। साथ ही मरने वालों की दर में भी इजाफ़ा हो था रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि 95 फ़ीसद से अधिक आईसीयू वाले अस्पतालों में सबसे बीमार रोगियों की देखभाल के मौजूदा मानकों को बनाए रखना भविष्य में मुश्किल या असंभव हो सकता है।

ग़ौरतलब है कि हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक़ दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़कर 21.63 करोड़ हो गए है और अबतक कुल 45 लाख से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है। वहीं अबतक 5.19 अरब से ज़्यादा लोगों का टीकाकरण भी हुआ है।

You may have missed

Translate »