December 2, 2021

MotherlandPost

Truth Always Wins!

तेज़ी से घटते जलवायु परिवर्तन पर दलाई लामा ने किया दुनियाँ को आगाह, कहा जल्द से जल्द उठाने होंगे ठोस क़दम

तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा, जो जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर मुखर रहे हैं, ने विश्व नेताओं से ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन से संबंधित आपातकाल को संबोधित करने के लिए एक ठोस, समयबद्ध और सामूहिक कार्रवाई करने के लिए ताकत जुटाने को कहा है।

 

Dalai lama/Reuters

 

दलाई लामा ने इस मुद्दे पर आने वाली चुनौतियों की बाबत मिलने के लिए राष्ट्रों के बीच आम सहमति और सार्थक सहयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया।

ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में संयुक्त राष्ट्र के सीओपी 26वें जलवायु सम्मेलन के अपने संदेश में, दलाई लामा ने पृथ्वी को ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन से बचाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की ज़िम्मेदारी पर ज़ोर दिया।

उन्होंने कहा, ‘ग्लोबल वार्मिंग एक अर्जेंट रियलिटी है। हममें से कोई भी अतीत को बदलने में सक्षम नहीं है। लेकिन हम सभी बेहतर भविष्य में योगदान देने की स्थिति में हैं। वास्तव में, हमारे ऊपर आज जीवित सात अरब से अधिक मनुष्यों के प्रति यह सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी है कि हम सभी शांति और सुरक्षा में रहना जारी रख सकें।’

 

‘एक क्षेत्र की इकोलॉजिकल उपेक्षा से ख़राब हो सकता है सब’

दलाई लामा ने अपनी मातृभूमि का भी ज़िक्र किया और कहा कि तिब्बती पठार, जो उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों के बाहर बर्फ़ का सबसे बड़ा भंडार है, को अक्सर ‘तीसरा ध्रुव’ कहा जाता है।

उन्होंने कहा कि तिब्बत दुनिया की कुछ प्रमुख नदियों का स्रोत है, जिनमें ब्रह्मपुत्र, गंगा, सिंधु, मेकांग, सालवीन, पीली नदी और यांग्त्ज़ी शामिल हैं। ये नदियाँ जीवन का स्रोत हैं क्योंकि वे पूरे एशिया में लगभग दो अरब लोगों के लिए पेयजल, कृषि के लिए सिंचाई और हाइड्रोपावर प्रदान करती हैं।

दलाई लामा ने आगाह किया कि तिब्बत के कई ग्लेशियरों का पिघलना, नदियों को बांधना व मोड़ना और व्यापक वनों की कटाई इस बात की मिसाल है कि कैसे एक क्षेत्र की इकोलॉजिकल उपेक्षा लगभग सभी क्षेत्रों को प्रभावित कर सकती है।

उन्होंने कहा, ‘हम इंसान ही एकमात्र प्राणी हैं जो पृथ्वी को नष्ट करने की शक्ति रखते हैं, लेकिन हम इसकी रक्षा करने की सबसे बड़ी क्षमता वाली प्रजाति भी हैं। हमें सभी के लाभ के लिए सहकारी वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन के मुद्दों का सामना करना चाहिए। लेकिन हमें व्यक्तिगत स्तर पर भी वह करना चाहिए जो हम कर सकते हैं।’

Translate »