November 27, 2021

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दीपावली के एक दिन बाद दिल्ली का घुटता दम, ‘गंभीर’ स्तर पर पहुँची हवा की गुणवत्ता

देश की राजधानी के लोगों द्वारा सरकारी प्रतिबंध की अवहेलना कर पटाखे फोड़ने के एक दिन बाद दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक शुक्रवार को 451 पर ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंच गया।

 

New Delhi, India – November 2, 2013. Two Indians walk near India Gate while the air pollution index is over 600 ppm, ranking it a one of the most polluted cities on the earth for that day/pixaby

 

कम तापमान और कोहरे ने प्रदूषकों के के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ पैदा करने का काम किया और उसके आस-पास के क्षेत्र घने कोहरे की चपेट में आ गए।

इस बीच, महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में देखा गया मध्यम वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगभग 149-165 रहा। टेलीग्राफ़ ने बताया कि कोलकाता में, शहर भर में हवा की गुणवत्ता काली पूजा की शाम से बेहतर थी।

दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक, जो गुरुवार को शाम 4 बजे 382 पर था, कम तापमान और हवा की गति के कारण प्रदूषकों के बढ़ने से रात 8 बजे गंभीर कैटेगरी में प्रवेश कर गया।

पड़ोसी शहरों फ़रीदाबाद (424), गाज़ियाबाद (442), गुड़गांव (423) और नोएडा (431) ने भी रात 9 बजे के बाद पटाखे फोड़ने के साथ ‘गंभीर’ वायु गुणवत्ता दर्ज की।

 

कितने गंभीर हैं हालात?

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली एनसीआर में 24 घंटे की औसत पीएम 2.5 थी जो गुरुवार को शाम 6 बजे 243 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से बढ़कर शुक्रवार को सुबह 9 बजे 410 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर हो गई।

60 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर की सुरक्षित सीमा का सात गुना के साथ पीएम10 का स्तर शुक्रवार सुबह क़रीब 5 बजे 500 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर को पार कर गया और सुबह 9 बजे 511 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा।

ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के अनुसार, वायु गुणवत्ता को तब “आपातकालीन” श्रेणी में माना जाता है अगर 48 घण्टे या उससे ज़्यादा समय तक PM2.5 और PM10 का स्तर क्रमशः 300 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर और 500 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से ऊपर बना रहता है।

 

Pixaby

 

इसके चलते समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि दिल्ली और उसके उपनगरों के कई हिस्सों में लोगों ने गले में खुजली और आंखों में पानी आने की शिक़ायत की।

सफ़र ने कहा कि दिल्ली के प्रदूषण में खेत की आग की हिस्सेदारी गुरुवार को सीजन के सबसे ऊंचे 25 फीसदी पर पहुंच गई और शुक्रवार को 35 फीसदी और शनिवार को 40 फीसदी तक जाने की उम्मीद है।

वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान एजेंसी ने कहा कि 7 नवंबर की शाम से राहत की उम्मीद है, लेकिन एक्यूआई बहुत ख़राब स्तर पर बना रह सकता है जिसमें कम उतार-चढ़ाव की ही आशंका है।

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