September 26, 2021

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जंतर-मंतर पर भड़काऊ भाषण मामले के आरोपी की ज़मानत याचिका खारिज

दिल्ली की एक अदालत ने जंतर-मंतर के पास भड़काऊ नारेबाज़ी के मामले में गिरफ़्तार मुख्य आयोजकों में से एक प्रीत सिंह की ज़मानत याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।

 

Ndtv

 

पटियाला हाउस कोर्ट के अडिशनल सेशन्स जज अनिल अंतिल ने शुक्रवार को सिंह की गई उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि ‘आरोपों की प्रकृति और कथित अपराधों की गंभीरता के बावजूद जांच अभी भी प्रारंभिक चरण में है।’

इसपर कोर्ट ने कहा”… कई आरोपी फ़रार हैं और कानून की प्रक्रिया से बच रहे हैं, पूरी आपत्तिजनक सामग्री अभी तक बरामद नहीं हुई है, इस तथ्य की पृष्ठभूमि में कि आवेदक घटना का एक सक्रिय मुख्य आयोजक था, किसी प्रभावशाली व्यक्तित्व और उसके जांच में हस्तक्षेप करने और/या मामले के गवाहों को प्रभावित करने की संभावना है। इस प्रकार, मेरे विचार में, इस समय आवेदक व आरोपी प्रीत सिंह को बेल देना उसे बढ़ावा देना है।’

कोर्ट ने कहा ‘यह बताना उचित है कि हमारा संविधान सभी को कहीं भी इकट्ठा होने का अधिकार और विचारों को प्रसारित करने की स्वतंत्रता देता है, हालांकि, ये शुद्ध रूप से परिचालित नहीं होता। इनका प्रयोग कई बंदिशों के तहत किया जाता है।’

कोर्ट ने जोड़ा, ‘प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड में ली गई सामग्री से यही पता चलता है कि आरोपी न केवल पूरी तरह से इस नारेबाज़ी में शामिल था बल्कि वह इस कार्यक्रम का आयोजक भी था जो दिल्ली पुलिस द्वारा अनुमति से इनकार करने और सरकार द्वारा जारी किए गए कोविड -19 प्रोटोकॉल की पूर्ण अवहेलना के बावजूद जंतर-मंतर पर आयोजित हुआ।’

बात दें कि इससे पहले मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट उद्धव कुमार जैन ने भी मामले में प्रीत सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

दिल्ली पुलिस ने यह कहते हुए याचिका का विरोध किया है कि आरोपी की रिहाई सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए ख़तरा साबित होगी और इससे गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा होगी। साथ ही संभावना है कि आरोपी सांप्रदायिक विद्वेष पैदा करेगा।

ग़ौरतलब है कि 9 अगस्त को जंतर-मंतर पर कथित रूप से “उकसाने वाले नारे लगाने” के संबंध में लोगों के एक अज्ञात समूह के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

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