December 2, 2021

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Delhi Pollution: दिल्ली में भयंकर प्रदूषण के बाद दिल्ली सरकार एक्शन में, सुप्रीम कोर्ट के सख्ती का असर।

दिल्ली में पॉल्यूशन अपने चरम स्तर पर है और दिल्ली वालों के स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ी समस्या है। इसी बीच बिगड़ते हालात के मद्देनजर कई कड़े कदम उठाए गए हैं।

Delhi pollution

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली में सभी स्कूलों और कॉलेजों को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है। साथ ही साथ दिल्ली के अंदर आवश्यक और इमरजेंसी सुविधाओं को छोड़कर अन्य सभी ट्रकों की एंट्री बैन कर दी गई है।

Pollution का मार क्या बंद, क्या खुला रहेगा।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट के सख्ती के बाद दिल्ली सरकार एक्शन में आ गई है। प्रदूषण को रोकने के लिए कई करे कदम दिल्ली में उठाए जा रहे हैं। दिल्ली में 21 नवंबर तक सभी निर्माण कार्यों को रोक दिया गया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्रालय की ओर से आदेश जारी किया गया है कि विभागीय सरकारी कर्मचारियों के लिए 100% वर्क फ्रॉम होम कर दिया गया है।

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने आगे बताया कि हजार प्राइवेट बसों को हायर किया गया है जो CNG से चलती है। साथ ही DDMA से बस और मेट्रो में खड़े होकर यात्रा करने की अनुमति मांगी है। दिल्ली में 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी गाड़ी की लिस्ट भी दिल्ली पुलिस को सौंपी गई है। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस द्वारा गाड़ियों की प्रदूषण की सघन जांच की जाएगी, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।

पानी की छिड़काव तेजी से

आगे गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली में सिर्फ और सिर्फ गैस से चलने वाले उद्योगों को ही अनुमति प्रदान की गई है। इसके अलावा सभी उद्योगो को तत्कालीन बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। दिल्ली में 372 वाटर टैंकर की मदद से छिड़काव का कार्य जोरों पर है। फायर बिग्रेड की मदद से 13 हॉटस्पॉट इलाकों में पानी के छिड़काव का कार्य जारी है। ट्रैफिक कंजक्शन की जांच के लिए ट्रैफिक पुलिस को आदेश जारी कर दिए गए हैं।

आम आदमी पार्टी का भाजपा पर पलटवार

दिल्ली में प्रदूषण को लेकर भारतीय जनता पार्टी लगातार दिल्ली सरकार पर निशाना साध रही है वही इसका जवाब देते हुए। आम आदमी पार्टी के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में हम 100% पराली प्रदूषण को कम कर रहे हैं, फंड देने से समाधान नही होगा। बल्कि केंद्र को राज्यों को डायरेक्शन देने की जरूरत है। केंद्र सरकार जिम्मेदारी लेकर अन्य राज्यों में छिड़काव क्यों नहीं करवाती है। आगे गोपाल राय ने कहा कि हम ग्राउंड पर काम करते हैं तो लोगों को बेचैनी होती है।

आगे गोपाल राय ने भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्री बैठक करने से क्यों डर रहे हैं। दिवाली के बाद से चिट्ठी पर चिट्ठी लिख रहा है लेकिन बैठक के लिए नहीं बुला रहे हैं। अगर इमरजेंसी है और बैठक नहीं कर रहे हैं तो बैठक कब करेंगे?

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