September 28, 2021

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विकास दुबे बिकरु कांड की एसआईटी जांच में डीआईजी अनंत देव और एसपी प्रद्युमन सिंह समेत 8 पुलिसकर्मियों को दोषी पाया 

कानपुर में हुए विकास दुबे के बिकरु कांड में एसआईटी टीम ने अपनी रिपोर्ट बनाकर योगी सरकार को भेज दिया है। विकास दुबे से जुड़े बिकरु कांड में न्यायिक आयोग ने 8 पुलिसकर्मियों को दोषी पाया है।

इसमें डीआईजी अनंत देव और ग्रामीण एसपी प्रद्युमन सिंह भी शामिल है। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट बनाकर योगी सरकार को भेज दी है और इन दोषी पाए गए 8 पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

एसआईटी रिपोर्ट के मुताबिक, डीआईजी अनंत देव, एसपी (ग्रामीण) रहे प्रद्युमन सिंह, तत्कालीन सीओ कैंट आरके चतुर्वेदी, सूक्ष्म प्रकाश को दोषी पाया है। वहीं लघु दंड के तहत तत्कालीन एसएसपी दिनेश कुमार पी, तत्कालीन एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव, पूर्व सीओ बिल्हौर नंदलाल और पासपोर्ट नोडल अफसर अमित कुमार को भी दोषी पाया है। इन सभी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

उत्तर प्रदेश के बिकरू गांव में गैंगस्टर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने डीएसपी और एसओ समेत 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। बाद में विकास दुबे का भी एनकाउंटर हुआ था। विकास कुछ दिन फरार रहा था। बिकरू कांड में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बीएस चौहान की अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया गया। इससे पहले गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर मामले में इस तीन सदस्यीय जांच आयोग ने पुलिस को क्लीन चिट दी थी।

बिकरू कांड के जिन 34 आरोपियों पर पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी अब उनकी संपत्ति को जब्त करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एडीजी जोन ने संबंधित अफसरों को दस दिन के भीतर इन आरोपियों की एक-एक संपत्ति चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। उसके बाद टीम गठित कर एक-एक आरोपी की पूरी संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त की जाएगी।

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