May 14, 2021

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जॉर्ज फ़्लॉएड केस में डॉक्टर्स का दावा, ड्रग्स नहीं गला दबने से गयी जान

“ब्लैक लाइफ़ मैटर्स” और “आई कैंट ब्रीथ” जैसे नारों की शुरुआत जिस जॉर्ज फ़्लॉएड की मौत से हुई उस केस की सुनवाई जारी है।

कौन थे जॉर्ज फ्लॉयड ?

46 साल के अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड अफ्रीकी समुदाय के थे। वह नॉर्थ कैरोलिना में पैदा हुए थे और टेक्सास के ह्यूस्टन में रहते थे। उनकी एक 7 साल की बेटी भी है । जॉर्ज फ्लॉयड पर  आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 20 डॉलर  के फर्जी नोट के जरिए एक दुकान से सामान खरीदने की कोशिश की। जिसकी पूछताछ में एक  पुलिस अधिकारी  ने जॉर्ज को घुटने से आठ मिनट तक दबाये रखा जिससे उनकी मौत हो गयी। उनकी मौत के बाद अमेरिका में प्रदर्शन शुरू हो गये थे।

Minneapolis Police Chief Medaria Arradondo क्रेडिट- REUTERS

 

हत्या के आरोपी पुलिस अफ़सर डेरेक चाउविन ने अपने बचाव में कहा था कि जॉर्ज फ़्लॉएड की मृत्यु उनका गला दबने के कारण नहीं बल्कि ड्रग्स लेने से हुई थी। मेडिकल विशेषज्ञों ने गुरुवार को इस बात की गवाही देने के लिए शारीरिक डायग्राम और चार्ट का इस्तेमाल किया कि फ्लोयड की मृत्यु पुलिस के उन्हें ज़मीन पर देने और घुटने से गला दबाने के कारण हुई, न कि दवा या ड्रग्स के ओवरडोज़ से।
शिकागो अस्पताल की इंटेंसिव केअर यूनिट में रोगियों का इलाज करने वाले डॉ. मार्टिन टोबिन ने जूरी को बताया कि फ्लोयड की मृत्यु “ऑक्सीजन के निम्न स्तर से” हुई, जो पुलिस अधिकारी द्वारा घुटने से उनका गला दबाने के कारण हुआ।पिछले मई के गिरफ्तारी के वीडियो ने वैश्विक विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया। 

क्या था मौत का कारण?

डॉक्टर ने स्टैंड से ही इंप्रोमेटू कर शरीर की रचना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी “स्वस्थ्य आदमी” की ऐसी परिस्थिति में मौत हो सकती है। डॉ. डैनियल इसेंस्मिड ने कहा कि मेडिकल परीक्षक की ओर से फ्लोयड के रक्त पर किए गए विष विज्ञान(toxicology) के टेस्ट में फेंटेनाइल पाया गया, लेकिन यह ड्राइविंग के लिए गिरफ़्तार किये जाने वाले लोगों से कम था।
डॉ. विलियम स्मॉक, एक फोरेंसिक रोगविज्ञानी, जो पुलिस के साथ काम करते हैं, ने जूरी को बताया कि पुलिस के मुताबिक़ फ्लोयड की मौत “पॉसिबल एस्फिक्सिया” से हुई है, उन्होंने कहा, “यह कहने का एक फ़ैन्सी तरीक़ा है कि वह मर गया क्योंकि उसके शरीर में ऑक्सीजन नहीं बची थी,”। 
गिरफ्तारी के वीडियो में दिखता है कि चौविन जो कि एक श्वेत व्यक्ति और पुलिस अफ़सर है, फ्लोएड की गर्दन को नौ मिनट से अधिक समय तक घुटनों के बल जमीन पर टिकाए रखा, 46 वर्षीय अश्वेत फ़्लॉएड ने अपनी जान की भीख माँगते हुए दो दर्ज़न से अधिक बार हांफ़ते हुए कहा, ” मैं सांस नहीं ले सकता।” इसपर आरोपी चौविन ने अपना बचाव किया है और ख़ुद को निर्दोष बताया है।
मिनेसोटा अटॉर्नी जनरल के कार्यालय से अभियोजन पक्ष द्वारा बुलाए गए तीनों डॉक्टरों ने वीडियो के अलग-अलग क्षणों की ओर इशारा किया जो चाउविन के बचाव पक्ष को कमज़ोर कर रहे हैं।
टोबिन ने कहा कि शरीरिक तनाव के कारण फ़्लॉएड की साँसें धीमीं हो रहीं थीं, साथ ही उन्होंने जूरी को यह भी नोट करने को कहा कि उनकी प्रति मिनट सांसों की संख्या में कमीं नहीं हुई थी।
डॉक्टरों ने जूरी के सामने अपनी शर्ट की बटन खोलकर भी तत्कालीन घटना को समझाया।
टोबिन ने गणना की कि फ़्लॉएड पर $20 का नकली बिल पास कराने का आरोप लगाने वाले चौविन ने उनकी गर्दन पर 91.5 पाउंड (41.5 किग्रा) वज़न का ज़ोर लगाया था।
 क्रॉस-परीक्षा में, नेल्सन ने टोबिन से पूछा कि क्या उसने व्यक्तिगत रूप से चौविन का वजन किया है, जो पुलिस रिपोर्ट में 140 पाउंड (64 किलोग्राम), जिससे टोबिन ने इनकार किया।
कोर्ट के भीतर इन तरह की अनेक बारीकियों को देखा और उनपर सवाल किया गया। अब देखना ये है कि अदालत का फ़ैसला क्या होता है।
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