October 24, 2021

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प्रदूषण की रोकथाम के मद्देनज़र DPCC ने उठाया क़दम, दिल्ली में दुर्गा पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन पर रोक

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने बुधवार को एक आदेश जारी कर जल प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर दुर्गा पूजा के बाद लोगों के मूर्ति विसर्जित करने पर रोक लगा दी।

 

 

आदेश के अनुसार सार्वजनिक स्थल पर मूर्ति विसर्जन पर 50 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। यमुना नदी या किसी अन्य जल निकाय, तालाबों या घाटों सहित सार्वजनिक स्थानों पर विसर्जन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

दिल्ली प्रदूषण निकाय ने आम जनता, रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूएएस), और पूजा समितियों को निर्देश दिया कि मूर्ति विसर्जन अनुष्ठान घर के परिसर में बाल्टी या कंटेनर में किया जा सकता है।

इसमें आगे कहा गया है कि पूजा सामग्री जैसे फूल, सजावटी सामग्री (कागज़ से बनी) आदि को मूर्तियों के विसर्जन से पहले हटा दिया जाना चाहिए और डिस्पोज़ करने के लिए अलग से इकट्ठा किया जा सकता है या घर-घर वेस्ट कलेक्शन वीकल को सौंपकर पर्यावरण सुरक्षित किया जा सकता है।

समिति ने नगर निगम के अधिकारियों और दिल्ली पुलिस को यह भी निर्देश दिया कि राजधानी में निषिद्ध मूर्तियों को अपने माल के रूप में ले जाने वाले वाहनों या मालवाहकों के प्रवेश की सख्त जांच करें।

बता दें कि स्वच्छ गंगा के लिए राष्ट्रीय मिशन (एनएमसीजी) ने 2019 में गंगा और उसकी सहायक नदियों में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगा दी थी और इसका उल्लंघन करने वालों को पर्यावरण मुआवज़े के रूप में 50,000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था, जिसे संबंधित ज़िला मजिस्ट्रेट द्वारा इकट्ठा किया जाएगा और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के पास जमा किया जाएगा।

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