December 2, 2021

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‘BSF के अधिकार क्षेत्र का विस्तार देश के संघीय ढांचे में हस्तक्षेप का प्रयास है’ – ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को केंद्र के BSF के अधिकार क्षेत्र के विस्तार के कदम को देश के संघीय ढांचे में हस्तक्षेप करने का प्रयास करार दिया।

 

Mamta banerjee/twitter

 

भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किमी के बजाय 50 किमी के बड़े हिस्से में तलाशी, ज़ब्ती और गिरफ़्तारी करने का अधिकार देने के लिए बीएसएफ अधिनियम में संशोधन किया।

तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा, “बीएसएफ़ मामले के बारे में, हमने इस क़दम का विरोध करते हुए एक पत्र भेजा है। इससे पहले उनका 15 किमी का क्षेत्राधिकार था, बालुरघाट या कूचबिहार में फ़ायरिंग की घटनाएं होती थीं। अब उन्होंने इसे बढ़ाकर 50 किमी कर दिया है। यह देश के संघीय ढांचे में दखल देने की कोशिश है।”

उन्होंने आगे जोड़ा, “हमें सीमावर्ती क्षेत्रों में कोई समस्या नहीं है हम बहुत सौहार्दपूर्ण संबंध (पड़ोसी देशों के साथ) साझा करते हैं। इस भ्रम को पैदा करने की कोई ज़रुरत नहीं है। क़ानून और व्यवस्था राज्य का विषय है। बीएसएफ़ को यह देखना चाहिए कि वे किसके लिए ज़िम्मेदार हैं और उसके लिए उन्हें हमारा पूरा समर्थन है।”

बता दें कि पश्चिम बंगाल बांग्लादेश, नेपाल और भूटान के साथ एक अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है। बनर्जी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से केंद्रीय गृह मंत्रालय की उस अधिसूचना को तुरंत वापस लेने की अपील की थी जिसमें बीएसएफ़ के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाया गया है।

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