January 21, 2022

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‘किसानों को वापस चले जाना चाहिए, सीमाएँ खोल देनी चाहिए’ – दुष्यंत चौटाला

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बुधवार को कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर विरोध कर रहे किसानों को घर लौट जाना चाहिए और सीमाएं खोल देनी चाहिए क्योंकि केंद्र ने तीन कृषि क़ानूनों को वापस ले लिया है और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बात करने के लिए तैयार है।

 

Dushyant Chautala/twitter

 

यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा, “अब जब केंद्र ने तीन कृषि क़ानूनों को वापस ले लिया है और संसद में उनकी एमएसपी की मांग केंद्र द्वारा चर्चा के लिए तैयार है, किसानों को वापस लौटना चाहिए और हमारी सीमाएं खोल देनी चाहिए।”

चौटाला ने आगे घोषणा की कि सरकार किसानों के ख़िलाफ़ “ग़ैर-घातक”(Non-lethal) मामलों को भी वापस ले लेगी। उन्होंने कहा, “यहां तक ​​कि किसानों के ख़िलाफ़ भी ग़ैर-घातक मामलों को भी वापस लिया जाएगा।”

डिप्टी सीएम ने केंद्र से अपील की कि वह राज्य सरकार के पिछले दो फसल के लिए धान की फसलों पर सीधे एमएसपी ट्रांसफर करने के अधिनियम को फिर लागू करें।

 

‘बेहतर तरीक़े से पेश हो क़ानून’

उन्होंने कहा, “किसानों ने हरियाणा में एमएसपी की मांग की और हमारी सरकार ने पिछली 2 फसलों में धान की फसलों पर एमएसपी के लिए सीधे 30,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। मैंने केंद्र से पूरे देश में इसे फिर से लागू का आग्रह किया है।”

इस महीने की शुरुआत में, जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला ने तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों को निरस्त करने के केंद्र के फैसले का स्वागत किया था और उम्मीद जताई थी कि उन्हें बेहतर तरीके से फिर से पेश किया जाएगा।

आज राजधानी में पत्रकारों से संक्षेप में बात करते हुए, चौटाला ने कहा, “प्रधानमंत्री ने खुद कहा है कि वह किसानों को लाभ को समझा नहीं सके। मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि हम किसानों के इसके फ़ायदे समझाएँ और फिर से बेहतर तरीके से क़ानून लागू किया जाए।”

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