September 26, 2021

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जारी रहेगा का करनाल में किसानों का संघर्ष, बातचीत विफल होने के बाद बोले राकेश टिकैत

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने बुधवार को कहा कि हरियाणा के करनाल ज़िले में मिनी सचिवालय के आसपास किसानों और ज़िला प्रशासन के बीच बातचीत विफल होने के बाद भी धरना जारी रहेगा।

 

राकेश टिकैत/ANI

 

दरअसल किसान 28 अगस्त को करनाल में पुलिस लाठीचार्ज में शामिल अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

टिकैत ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, “करनाल ज़िला प्रशासन के साथ हमारी बातचीत तीन घंटे तक चली लेकिन विफल रही। अधिकारी उन्हें (एसडीएम आयुष सिन्हा) निलंबित करने और उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज करने के लिए तैयार नहीं हैं अधिकारियों को चंडीगढ़ से निर्देश मिल रहे हैं। इसलिए यहाँ जबतक हमारी माँगे पूरी नहीं हो जातीं, हमने अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया है।”

उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश, पंजाब और अन्य जगहों के किसान विरोध में शामिल होंगे।

बीकेयू ने कहा, “दिल्ली में हमारे विरोध के साथ-साथ यह आंदोलन भी तब तक जारी रहेगा जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। हमारी मांग है कि अधिकारी को निलंबित किया जाए और घायल और मृत किसानों को मुआवज़ा दिया जाए।”

‘मुख्यमंत्री ने दिया था लाठीचार्ज का आदेश’

स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेंद्र यादव ने कहा, “हरियाणा सरकार अभी भी किसानों की मांगों को मानने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने पुलिस अधिकारी के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया, जो साबित करता है कि 28 अगस्त को किसानों पर लाठीचार्ज करने का आदेश हरियाणा के मुख्यमंत्री ने दिया था जो उनका समर्थन कर रहे हैं।”

तीन नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने कल सचिवालय के ‘घेराव’ का आह्वान किया था, जिसमें उन अधिकारियों के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई थी, जिन्होंने कथित तौर पर भाजपा के ख़िलाफ़ 28 अगस्त के प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज करने का आदेश दिया था।

ज़िले के किसानों की तीन बैठकें प्रशासन के साथ बीते दिन हुईं लेकिन कोई सार्थक चर्चा नहीं हुई, जिसके परिणामस्वरूप किसानों ने अपना धरना जारी रखा।

टिकैत ने बीते दिन कहा, “विभिन्न बाधाओं के बावजूद, हमने मिनी सचिवालय का घेराव किया है और जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मानती तब तक शांतिपूर्वक अपना विरोध जारी रखेंगे। हमारी लड़ाई सरकार से है, पुलिस अधिकारियों से नहीं।”

बात दें कि इससे पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बातचीत के ज़रिए समाधान निकलने की उम्मीद जताई थी।

ग़ौरतलब है कि हरियाणा सरकार ने मंगलवार शाम को प्रदर्शन के दौरान “भड़काऊ सामग्री और अफ़वाहों के प्रसार” को रोकने के लिए करनाल ज़िले में मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवा के अस्थायी निलंबन को बढ़ा दिया।

केंद्र द्वारा लाए गए तीन कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ रविवार को मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। यहाँ उन्होंने घोषणा की कि वे आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा के ख़िलाफ़ प्रचार करेंगे।

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