September 27, 2021

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छत्तीसगढ़ में बाबा रामदेव के ख़िलाफ़ FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बाबा रामदेव के ख़िलाफ़ सिविल लाइंस थाने में FIR दर्ज की गई है।

यह FIR रायपुर के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों की शिक़ायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 186, 188, 269, 270, 504, 505 (1), 51, 52, 54 के तहत दर्ज की गई है जिसमें से कुछ धाराएं ग़ैर-ज़मानती हैं।

पुलिस के मताबिक़ ‘इंडियन मेडिकल एसोसिएशन’ के डॉक्टर राकेश गुप्ता, डॉक्टर आशा जैन, डॉक्टर विकास अग्रवाल, और डॉक्टर अनिल जैन ने बाबा रामदेव पर लिखित शिक़ायत में गंभीर आरोप लगाए हैं।

बाबा रामदेव के ख़िलाफ़ FIR दर्ज कराने वालों में शामिल, डॉक्टर राकेश गुप्त न केवल छत्तीसगढ़ में हॉस्पिटल बोर्ड के अध्यक्ष हैं बल्कि सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी की चिकित्सा प्रकोष्ठ के भी अध्यक्ष हैं।

 

रामकृष्ण यादव उर्फ़ बाबा रामदेव/Free press journal

 

उन्होंने इस पूरे मामले पर कहा, “टीकाकरण के बारे में, दवाओं के बारे में अफ़वाह फैलाना सीधे-सीधे राजद्रोह की श्रेणी के अपराध हैं और बाबा रामदेव को इसकी सज़ा ज़रूर मिलनी चाहिए।”

समाचार एजेंसी बीबीसी के मताबिक़ इन डॉक्टरों में अपनी शिक़ायत में कहा है कि “बाबा रामदेव द्वारा देश के पूरे चिकित्सक समुदाय और इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च सहित विभिन्न अग्रणी संस्थानों द्वारा निर्देशित और क़रीब पिछले सवा साल से भी ज़्यादा से इस्तेमाल की जा रही कोरोना संक्रमण की दवाओं के बारे में दुष्प्रचार और धमकी वाले वक्तव्य से भरा वीडियो, सोशल मीडिया में प्रचारित किया जा रहा है।”

डॉक्टरों का बाबा रामदेव पर आरोप है कि वे केंद्रीय महामारी एक्ट, शासन द्वारा दिशा निर्देशित नीतियों के बारे में राजद्रोह और दवाइयों के बारे में भ्रम पूर्ण वक्तव्य दे रहे हैं जिससे लोगों की जान भी जा सकती है।

अपनी शिक़ायत में डॉक्टरों ने कहा है कि चिकित्सा जगत के ख़िलाफ़ इस तरह की उकसाने वाली भाषा के उपयोग से चिकित्सक वर्ग उपद्रवी तत्वों के निशाने पर आ सकता है। लिहाज़ा यह पूरा तंत्र कमज़ोर हो जाएगा।

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