November 27, 2021

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यूपी के कानपुर में मिला पहला ज़ीका वायरस का केस, अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में जीका वायरस का पहला मामला सामने आया है। इसकी पुष्टि तब हुई जब पुणे की एक प्रयोगशाला ने शनिवार देर रात यहां वायुसेना स्टेशन के एक 57 वर्षीय वारंट अधिकारी में संक्रमण पाया गया।

 

 

कानपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नेपाल सिंह ने कहा, अधिकारी का ज़िले के 7 वायु सेना अस्पताल में तेज़ बुखार के लिए इलाज किया जा रहा था और चूँकि उनके शरीर का तापमान ख़तरनाक रूप से बढ़ा हुआ था इसलिए उनके रक्त के नमूने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ वायरोलॉजी (एनआईवी), पुणे भेजे गए थे।

एक हफ़्ते में रोगी के संपर्क में आने वालों और समान लक्षण वाले लोगों के कम से कम 200 और नमूनों को पुणे की प्रयोगशाला में भेज दिया गया है और उन्हें घरों में अलग कर दिया गया है।

इसके साथ ही दिल्ली से स्वास्थ्य विशेषज्ञों की एक टीम को संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए कानपुर भेजा गया है, इस बीच यूपी के स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को दो मेडिकल टीमों का गठन भी किया था।

अतिरिक्त सीएमओ डॉ सुबोध प्रकाश के नेतृत्व में एक टीम कानपुर के परदेवनपुर पोखरपुर मोहल्ले में गई, जहां वह अधिकारी रहता है, और उनकी पत्नी, बेटे और बेटी सहित 200 लोगों के नमूने इकट्ठा किए।

दूसरी टीम ने 7 वायु सेना अस्पतालों का निरीक्षण किया और फॉगिंग व सैनिटाइजेशन के निर्देश दिए। ज़िला मजिस्ट्रेट, कानपुर, विशाक जी ने कहा कि यूपी में पहले जीका पॉजिटिव मरीज़ की पुष्टि के बाद सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

डीएम ने कहा, “मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की एक आपातकालीन बैठक सोमवार को होगी और नागरिक कर्मचारियों को मच्छर भगाने वाले फॉगिंग अभ्यास शुरू करने का निर्देश दिया गया है। वायरस कोविड की तरह नहीं फ़ैलता है, यह डेंगू की तरह वेक्टर जनित है।”

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