Sunday, August 7, 2022

MOTHER LAND POST

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वॉक टू डस्टबिन के नाम से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने छेड़ा मुहिम,ग्रेटर नोएडा को सुन्दर और स्वच्छ बनाना है लक्ष्य

by Sachin Singh Rathore
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वॉक टू डस्टबिन से और स्वच्छ व सुंदर बना ग्रेटर नोएडा 

  • ग्रेनो प्राधिकरण ने शुरू की सेक्टरों के पूर्ण स्वच्छताा की मुहिम
  • प्राधिकरण के जनस्वास्थ्य विभाग व आरडब्ल्यूए ने लिया हिस्सा
  • सेक्टर की अन्य सभी खामियां भी इस अभियान से होंगी दूर

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा को पूर्ण स्वच्छ बनाने के लिए प्राधिकरण ने आवासीय व सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर वॉक टू डस्टबिन के नाम से मुहिम छेड़ी है। इस अभियान के जरिए कूड़ा उठवाने के साथ ही लोगों को जागरूक करनेे, जुर्माना लगाने व नालियों को रिपेयर करने के साथ ही सेक्टर से जुड़ी सभी तरह की खामियों को दूर किया जाएगा। शनिवार को ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा टू से इसकी शुरुआत की गई है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने जनस्वास्थ्य विभाग को बीते दिनों समीक्षा बैठक के दौरान सेक्टरवार पूर्ण स्वच्छता अभियान चलाने का निर्देश दिया था। यानी उस सेक्टर में न सिर्फ कूड़ा उठवाना, बल्कि लोगों को जागरूक करना, इधर-उधर कूड़ा फेंक रहे रेहड़ी-पटरी व दुकानों पर जुर्माना लगाना आदि गतिविधियां शामिल हैं।

वरिष्ठ प्रबंधक सलिल यादव के नेतृत्व में जनस्वास्थ्य विभाग ने शनिवार से सेक्टर अल्फा टू से यह अभियान शुरू कर दिया है। इसे वॉक टू डस्टबिन नाम दिया गया है। इसके तहत प्राधिकरण की टीम के साथ ही सेक्टर अल्फा टू आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी, एक्टिव सिटीजन टीम और प्राधिकरण के स्वच्छता मुहिम से जुड़ी संस्था फीडबैक फाउंडेशन के प्रतिनिधि सेक्टर में घूमे। हर गली में घूमे। डोर टू डोर जाकर निवासियों को डस्टबिन में ही कूड़ा डालने के प्रति सचेत किया। दूर से कूड़ा फेंकने के बजाय पास जाकर डस्टबिन में कूड़ा डालने की अपील की, ताकि कूड़ा इधर-उधर न गिरे। रेहड़ी-पटरी वालों को दो डस्टबिन रखने के निर्देश दिए। हालांकि कई रेहड़ी-पटरी वालों ने तत्काल दो डस्टबिन रख लिए हैं। दुकानदारों को डस्टबिन रखने के निर्देश दिए। अगर डस्टबिन के बजाय इधर-उधर कूड़ा फेंका तो तगड़ा जुर्माना लगाया जाएगा।

पूर्ण स्वच्छता के दौरान उन जगहों को चिंहित किया गया, जहां पर डस्टबिन न होने के बावजूद लोग कूड़ा फेंक देते थे। उन जगहों को साफ कराया गया। साथ ही वहां पर कूड़ा न फेंकने के निर्देश दिए। सेक्टर में जहां पर नालियां टूटी थीं, उनको रिपेयर कराने के लिए संबंधित वर्क सर्किल से कहा गया है। सेक्टर को पूर्ण स्वच्छ बनाने के बाद अब प्राधिकरण की टीम और एनजीओ के साथ ही आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी भी एक सप्ताह तक सेक्टर पर नजर रखेंगे। अगर किसी ने इधर-उधर फेंका तो उस पर तगड़ा जुर्माना लगाया जाएगा। इस दौरान टीम करीब सात किलोमीटर तक पैदल घूमी और लोगों को जागरूक किया।

प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने सभी ग्रेटर नोएडावासियों से शहर को साफ रखने में सहयोग की अपील की है। सेक्टर के भ्रमण के दौरान सलिल यादव के अलावा वैभव नागर, जितेंद्र यादव, आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष जितेंद्र मावी, संजीव, अंकित सिंह, भारती रावत, हरेंद्र भाटी व फीडबैक फाउंडेशन संस्था से संजय शुक्ल, आकाश, नितिन, मेहताब आदि मौजूद रहे।

सेक्टर की अन्य समस्याएं भी होंगी हल

सेक्टरों की पूर्ण स्वच्छता के लिए शुरू हुए इस अभियान के जरिए सभी तरह की समस्याएं हल की जाएंगी। सलिल यादव की अगुवाई में प्राधिकरण की टीम उस सेक्टर की सभी समस्याओं पर रिपोर्ट बनाकर सीईओ को सौंपेगी। संबंधित वर्क सर्किल के अधिकारी उन समस्याओं को हल कर आएंगे। पार्क हो, रोड या फिर समदायिक केंद्र या फिर कोई अन्य समस्या, सेक्टरवासी उन्हें बता सकते हैं। तय समय में उनका निपटारा किया जाएगा।

काम न हुआ तो ठेकेदार पर लगेगा जुर्माना

वरिष्ठ प्रबंधक सलिल यादव ने बताया कि वॉक टू डस्टबिन अभियान के तहत सामने आई स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं को एक सप्ताह में हल न किया गया तो ठेकेदार पर जुर्माना लगाया जाएगा। आरडब्लूए से साफ-सफाई पूर्ण हो जाने का लिखित प्रमाण भी लिया जाएगा।

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