Wednesday, September 28, 2022

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हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर ने किया IAS अधिकारी के ‘सर फोड़ने’ की टिप्पणी का समर्थन! कहा सख़्ती ज़रूरी है

by Disha
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हरियाणा के मुख्यमंत्री एमएल खट्टर ने आज एक बयान में करनाल में प्रदर्शनकारी किसानों के ख़िलाफ़ पुलिस कार्रवाई का बचाव किया, लेकिन इस बात से वे सहमत थे कि ‘उनका सिर फोड़ने’ वाली टिप्पणी करने वाले आईएएस अधिकारी ने ‘शब्दों का ग़लत चुनाव’ किया।

 

 

 

खट्टर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हालांकि अधिकारी के शब्दों का चयन सही नहीं था, लेकिन वहां कानून-व्यवस्था की स्थिति सुनिश्चित करने के लिए सख़्ती बरती जानी चाहिए थी।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर (अधिकारी के ख़िलाफ़) कोई कार्रवाई करनी है, तो पहले उसका आंकलन ज़िला प्रशासन को करना होगा। डीजीपी भी इस मामले की जांच कर रहे हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्ती सुनिश्चित करनी होगी।”

इस बीच खट्टर ने पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की आलोचना करते हुए कहा, ‘मेरे इस्तीफ़े की मांग करने वाला वह कौन है? इसके बजाय उन्हें इस्तीफ़ा दे देना चाहिए क्योंकि किसानों के आंदोलन के पीछे उनका हाथ है। वहां (दिल्ली बॉर्डर पर) प्रदर्शन कर रहे किसान पंजाब के हैं। हरियाणा के किसान सिंघू या टिकरी सीमा पर विरोध नहीं कर रहे हैं।’

ग़ौरतलब है कि कल राज्य के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कैमरे में कैद हुई IAS अधिकारी की टिप्पणी को खारिज कर दिया था।

बता दें कि 2018 बैच के आईएएस अधिकारी करनाल एसडीएम आयुष सिन्हा को किसानों के विरोध के दौरान पुलिस को किसानों के सिर फोड़ने के लिए कहते हुए कैमरे में कैद किया गया था।

किसानों पर शनिवार को हुए लाठीचार्ज को लेकर एमएल खट्टर सरकार के ख़िलाफ़ बढ़ते विपक्ष के हमले और मजिस्ट्रेट के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की उनकी मांग के बीच डिप्टी सीएम और JJP नेता चौटाला ने सिन्हा के ख़िलाफ़ कार्रवाई का वादा किया। सोशल मीडिया पर आईएएस अधिकारी का ये वीडियो वायरल हो रहा है।

चैटाला ने इस टिप्पणी की निंदा करते कहा कि ‘किसी आईएएस अधिकारी द्वारा इस तरह की भाषा का प्रयोग निंदनीय है। मुझे लगता है कि उनके प्रशिक्षण के दौरान, अधिकारियों को सिखाया जाता है कि ऐसी परिस्थितियों का सामना कैसे करना है और अपने कार्यों में संतुलन कैसे बनाए रखना है।

लेकिन उन्होंने जो कहा वह स्पष्ट रूप से नैतिक मानकों पर खरा नहीं उतरता है, जिसकी ऐसे अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है।’

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