November 27, 2021

MotherlandPost

Truth Always Wins!

आरंभ से अंत तक 26/11 मुंबई आतंकी हमलों की पूरी कहानी

2011 में मुंबई शहर में हुए आतंकी हमलों ने भारत को पूरी तरह झगझोर दिया। देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनियां इस निर्मम घटना पर स्तब्ध और शून्य थी।

 

Reuters

 

लश्कर-ए-तैयबा के दस आतंकवादी पाकिस्तान से समुद्री रास्ते से मुंबई पहुँचे और 26 नवंबर, 2011 को शहर में समन्वित शूटिंग और बमबारी की अंजाम देना शुरु किया।

अंधेरे की आड़ में शहर की ओर जाने के बाद, आतंकवादियों ने मुंबई के प्रमुख जगहों को निशाना बनाया, पहला हमला भीड़भाड़ वाले छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसटी) रेलवे स्टेशन पर हुआ। इस स्टेशन पर अजमल आमिर कसाब और इस्माइल खान ने हमले को अंजाम दिया जिसमें 58 लोग मारे गए और 100 से ज़्यादा लोग घायल हो गए।

बाद में कसाब और खान ने कामा अस्पताल पर हमला करने के लिए प्रवेश किया, लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों की सतर्कता से इसे विफल कर दिया गया। हालांकि, उन्होंने अस्पताल से निकलने के बाद शहर के आतंकवाद निरोधी दस्ते हेमंत करकरे सहित 6 पुलिस अधिकारियों को घात लगाकर मार गिराया।

 

“बेबी मोशेल”

हमले का दूसरा स्थान नरीमन हाउस बिज़नेस एंड रेसिडेंशियल कॉम्प्लेक्स था जहां एक रब्बी, उनकी पत्नी और पांच इजरायली नागरिकों सहित छह अन्य को पहले बंधक बनाया गया और फिर आतंकवादियों ने उन्हें मार डाला था।

हमले में रब्बी दंपति का दो साल का बच्चा मोशे बाल-बाल बच गया। इस भयानक घटना के बाद ‘बेबी मोशे’ बेरहम आतंकवाद का शिकार हुए मासूमों का चेहरा बन गया।

26/11 के हमले में आने वाली तीसरी साइट लियोपोल्ड कैफे थी जिसके बाद ताज महल होटल और टॉवर था। चार आतंकवादियों ने ताज होटल में प्रवेश करने से पहले कैफे पर हमला किया, जहां उन्होंने होटल में तीन दिन की घेराबंदी करने के बाद 31 लोगों को मार डाला।

26/11 के दौरान हमले के लिए दूसरी जगह ओबेरॉय-ट्राइडेंट होटल थी, जहां दो आतंकवादियों का एक और समूह लगभग उसी समय दाखिल हुआ जब अन्य चार ताज में दाखिल हो चुके थे।

ओबेरॉय-ट्राइडेंट होटल में घेराबंदी आधिकारिक तौर पर 28 नवंबर की शाम को ख़त्म हो गई थी, जिसमें 30 से ज़्यादा लोग इस भीषण हमले का शिकार हुए और मारे गए। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) द्वारा ताजमहल पैलेस होटल को सुरक्षित करने के बाद, हमले और ज़ब्ती का अंत 29 नवंबर, 2008 की सुबह हुआ।

इस पूरी घटना के बाद जब तक NSG कमांडो ने दक्षिण मुंबई के ताजमहल पैलेस होटल में छिपे हुए अंतिम आतंकवादियों को मार गिराया, तब तक 160 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हो गए थे।

 

और हत्याएँ…

हमले के बाद इस बात की पुष्टि हो गई कि 10 आतंकवादी पाकिस्तान के बंदरगाह शहर कराची से मुंबई के लिए रवाना हुए थे। मुंबई की उनकी यात्रा में एक मछली पकड़ने वाले डिंगी का अपहरण करना और चालक दल के पांच लोगों में से चार को मार डालना भी शामिल था। इसमें से एक व्यक्ति को उन्हें मुंबई तट पर ले जाने के लिए छोड़ दिया गया।

इन भीषण हमलों में 9 आतंकवादी मारे गए और एकमात्र जीवित बचे अजमल आमिर कसाब को पकड़ा गया। इसके बाद 2012 में पुणे की यरवदा सेंट्रल जेल में उसे मौत की सज़ा सुनाई गई। माना जाता है कि जमात-उद-दावा (JuD), जिसका मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद था, ने 26/11 के इन हमलों की साज़िश रची थी।

Translate »